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अगर आपको भी अक्सर दुकानों पर छोटे नोट न मिलने की परेशानी होती है, तो अब राहत की खबर है. सरकार ने इस समस्या को ध्यान में रखते हुए नया कदम उठाया है. आमतौर पर एटीएम से 500 या 200 रुपये के नोट ही ज्यादा निकलते हैं, जिसकी वजह से कई बार लोगों को 10, 20 या 50 रुपये के छुट्टे के लिए इधर-उधर जाना पड़ता है. अब सरकार ने संसद में इस मुद्दे पर स्थिति साफ करते हुए बताया है कि छोटे नोटों की कोई कमी नहीं है और लोगों की सुविधा के लिए खास एटीएम भी लगाए जा रहे हैं.
सरकार ने छोटे नोटों को लेकर स्थिति की साफ

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छोटे मूल्य के नोट बाजार से गायब होने की चर्चा के बीच केंद्र सरकार ने संसद में स्पष्ट किया कि देश में 10, 20 और 50 रुपये के नोटों की कोई कमी नहीं है. वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि सरकार और रिजर्व बैंक इस पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. (Photo-Pinterest)
छोटे नोटों के लिए शुरू किया गया नया प्रयोग

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राज्यसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया कि सामान्य एटीएम मशीनों से आमतौर पर छोटे नोट नहीं निकलते. इसी समस्या को देखते हुए अब एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है ताकि लोगों को छोटे नोट आसानी से मिल सकें. (Photo-Pixabay)
खास ‘स्मॉल वैल्यू डिस्पेंसर’ एटीएम लगाए जा रहे

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इस योजना के तहत “स्मॉल वैल्यू डिस्पेंसर” नाम की नई तरह की एटीएम मशीनें लगाई जा रही हैं. इन मशीनों से 10, 20 और 50 रुपये के नोट भी निकाले जा सकेंगे, जिससे रोजमर्रा के लेनदेन में छुट्टे की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है. (Photo-Freepik)
छोटे नोटों की सप्लाई के ताजा आंकड़े

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सरकार के मुताबिक चालू वित्त वर्ष में 26 फरवरी तक रिजर्व बैंक ने बड़ी मात्रा में छोटे मूल्य के नोट बाजार में जारी किए हैं. इस दौरान 10 रुपये के लगभग 439.40 करोड़, 20 रुपये के करीब 193.70 करोड़ और 50 रुपये के लगभग 130.30 करोड़ नोट जारी किए गए हैं. (Photo-Pixabay)
सिक्कों और नोटों से पूरी होती है जरूरत

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मंत्री ने बताया कि आरबीआई समय-समय पर अर्थव्यवस्था में नकदी की मांग का आकलन करता है और उसी आधार पर नोट छापने की सिफारिश की जाती है. छोटे मूल्य की नकदी की जरूरत सिर्फ नोटों से ही नहीं बल्कि सिक्कों के जरिए भी पूरी की जाती है. (Photo-Pixabay)
छोटे लेनदेन में डिजिटल पेमेंट भी बढ़ा

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सरकार ने यह भी बताया कि छोटे भुगतान के लिए डिजिटल ट्रांजैक्शन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है. एनपीसीआई के आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में 31 दिसंबर 2025 तक RuPay KCC कार्ड के जरिए करीब 3.72 लाख डिजिटल लेनदेन दर्ज किए गए, जिनकी कुल राशि लगभग 111.17 करोड़ रुपये रही. (Photo-Freepik)