सावधान! भूलकर भी न करें आधार कार्ड से जुड़ी ये गलतियां, वरना होगी जेल

आधार कार्ड से जुड़ी छोटी-सी गलती भी आपको बड़ी मुसीबत में डाल सकती है. आधार से जुड़ी कुछ गलतियां है जो कानून के तहत गंभीर अपराध हैं. जानिए किन गलतियों पर हो सकती है जेल और भारी जुर्माना.

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aadhar related mistakes to avoid

आज के समय में आधार कार्ड हर भारतीय के लिए एक बेहद जरूरी पहचान पत्र बन चुका है. बैंकिंग से लेकर सरकारी योजनाओं तक, हर जगह इसकी जरूरत पड़ती है. लेकिन कई बार लोग अनजाने में या जानबूझकर ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जो कानून के तहत अपराध मानी जाती हैं. आधार अधिनियम, 2016 में इन गलतियों के लिए सख्त सजा का प्रावधान है.

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नामांकन के दौरान गलत जानकारी देना

नामांकन के दौरान गलत जानकारी देना2 / 10

अगर कोई व्यक्ति आधार बनवाते समय जानबूझकर अपना नाम, पता, जन्मतिथि या बायोमेट्रिक जानकारी गलत देता है, तो यह कानूनन अपराध है. ऐसे मामले में 3 साल तक की जेल या 10,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं.

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बिना अधिकार के डेटा इकट्ठा करना

बिना अधिकार के डेटा इकट्ठा करना3 / 10

यदि कोई खुद को अधिकृत बताकर लोगों से आधार से जुड़ी जानकारी मांगता है, जबकि उसे इसकी अनुमति नहीं है, तो यह भी अपराध की श्रेणी में आता है. इसमें व्यक्ति को 3 साल तक की जेल या 10,000 रुपये का जुर्माना हो सकता है, जबकि कंपनी पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.

आधार डेटा में छेड़छाड़ करना

आधार डेटा में छेड़छाड़ करना4 / 10

किसी व्यक्ति के आधार में दर्ज जानकारी को बिना उसकी अनुमति के बदलना या बदलने की कोशिश करना गैरकानूनी है. इस तरह के अपराध में 3 साल तक की जेल और 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.

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आधार जानकारी गलत व्यक्ति को देना

आधार जानकारी गलत व्यक्ति को देना5 / 10

नामांकन या वेरिफिकेशन के दौरान मिली आधार जानकारी को किसी अनधिकृत व्यक्ति के साथ साझा करना कानून का उल्लंघन है. इसमें व्यक्ति को 3 साल तक की जेल या 10,000 रुपये का जुर्माना और कंपनी को 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है.

पहचान जानकारी का गलत इस्तेमाल

पहचान जानकारी का गलत इस्तेमाल6 / 10

अगर कोई संस्था किसी व्यक्ति की पहचान से जुड़ी जानकारी लेकर उसका इस्तेमाल तय उद्देश्य के अलावा किसी और काम में करती है, तो यह अपराध माना जाता है. इसके लिए 3 साल तक की जेल या 10,000 रुपये का जुर्माना और कंपनी पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है.

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CDR में बिना अनुमति घुसपैठ या हैकिंग

CDR में बिना अनुमति घुसपैठ या हैकिंग7 / 10

केंद्रीय पहचान डेटा भंडार (CDR) में बिना अनुमति प्रवेश करना या उसे हैक करने की कोशिश करना बेहद गंभीर अपराध है. इसमें दोषी को 10 साल तक की जेल और कम से कम 10 लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है.

CDR डेटा से छेड़छाड़

CDR डेटा से छेड़छाड़8 / 10

अगर कोई व्यक्ति CDR में मौजूद आधार डेटा को बदलने या उसमें गड़बड़ी करने की कोशिश करता है, तो उस पर सख्त कार्रवाई होती है. इसके लिए 10 साल तक की जेल और जुर्माना लगाया जा सकता है.

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बिना अनुमति डेटा का उपयोग या शेयरिंग

बिना अनुमति डेटा का उपयोग या शेयरिंग9 / 10

आधार से जुड़ी जानकारी का गलत तरीके से उपयोग करना या उसे बिना अनुमति कहीं और इस्तेमाल करना भी अपराध है. इसमें व्यक्ति और संस्था दोनों पर जुर्माना और जेल की सजा हो सकती है.

अन्य अपराध जिनके लिए अलग सजा तय नहीं

अन्य अपराध जिनके लिए अलग सजा तय नहीं10 / 10

अगर आधार से जुड़ा कोई ऐसा अपराध होता है, जिसके लिए कानून में अलग से सजा तय नहीं है, तब भी दंड दिया जाता है. इसमें 3 साल तक की जेल या 25,000 रुपये तक का जुर्माना और कंपनी पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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