
1 / 10
आज के समय में आधार कार्ड हर भारतीय के लिए एक बेहद जरूरी पहचान पत्र बन चुका है. बैंकिंग से लेकर सरकारी योजनाओं तक, हर जगह इसकी जरूरत पड़ती है. लेकिन कई बार लोग अनजाने में या जानबूझकर ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जो कानून के तहत अपराध मानी जाती हैं. आधार अधिनियम, 2016 में इन गलतियों के लिए सख्त सजा का प्रावधान है.
नामांकन के दौरान गलत जानकारी देना

2 / 10
अगर कोई व्यक्ति आधार बनवाते समय जानबूझकर अपना नाम, पता, जन्मतिथि या बायोमेट्रिक जानकारी गलत देता है, तो यह कानूनन अपराध है. ऐसे मामले में 3 साल तक की जेल या 10,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं.
बिना अधिकार के डेटा इकट्ठा करना

3 / 10
यदि कोई खुद को अधिकृत बताकर लोगों से आधार से जुड़ी जानकारी मांगता है, जबकि उसे इसकी अनुमति नहीं है, तो यह भी अपराध की श्रेणी में आता है. इसमें व्यक्ति को 3 साल तक की जेल या 10,000 रुपये का जुर्माना हो सकता है, जबकि कंपनी पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.
आधार डेटा में छेड़छाड़ करना

4 / 10
किसी व्यक्ति के आधार में दर्ज जानकारी को बिना उसकी अनुमति के बदलना या बदलने की कोशिश करना गैरकानूनी है. इस तरह के अपराध में 3 साल तक की जेल और 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.
आधार जानकारी गलत व्यक्ति को देना

5 / 10
नामांकन या वेरिफिकेशन के दौरान मिली आधार जानकारी को किसी अनधिकृत व्यक्ति के साथ साझा करना कानून का उल्लंघन है. इसमें व्यक्ति को 3 साल तक की जेल या 10,000 रुपये का जुर्माना और कंपनी को 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है.
पहचान जानकारी का गलत इस्तेमाल

6 / 10
अगर कोई संस्था किसी व्यक्ति की पहचान से जुड़ी जानकारी लेकर उसका इस्तेमाल तय उद्देश्य के अलावा किसी और काम में करती है, तो यह अपराध माना जाता है. इसके लिए 3 साल तक की जेल या 10,000 रुपये का जुर्माना और कंपनी पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है.
CDR में बिना अनुमति घुसपैठ या हैकिंग

7 / 10
केंद्रीय पहचान डेटा भंडार (CDR) में बिना अनुमति प्रवेश करना या उसे हैक करने की कोशिश करना बेहद गंभीर अपराध है. इसमें दोषी को 10 साल तक की जेल और कम से कम 10 लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है.
CDR डेटा से छेड़छाड़

8 / 10
अगर कोई व्यक्ति CDR में मौजूद आधार डेटा को बदलने या उसमें गड़बड़ी करने की कोशिश करता है, तो उस पर सख्त कार्रवाई होती है. इसके लिए 10 साल तक की जेल और जुर्माना लगाया जा सकता है.
बिना अनुमति डेटा का उपयोग या शेयरिंग

9 / 10
आधार से जुड़ी जानकारी का गलत तरीके से उपयोग करना या उसे बिना अनुमति कहीं और इस्तेमाल करना भी अपराध है. इसमें व्यक्ति और संस्था दोनों पर जुर्माना और जेल की सजा हो सकती है.
अन्य अपराध जिनके लिए अलग सजा तय नहीं

10 / 10
अगर आधार से जुड़ा कोई ऐसा अपराध होता है, जिसके लिए कानून में अलग से सजा तय नहीं है, तब भी दंड दिया जाता है. इसमें 3 साल तक की जेल या 25,000 रुपये तक का जुर्माना और कंपनी पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है.