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वैज्ञानिकों ने एक चौंकाने वाली खोज में बताया है कि 'लाइट होल्स' यानी रोशनी में बने स्पेशल पैटर्न लाइट की स्पीड से भी तेज चलते दिखाई दे सकते हैं. हालांकि ये आइंस्टीन के सिद्धांत को नहीं तोड़ता, लेकिन फिजिक्स की समझ को नया आयाम देता है.
क्या है नई खोज?

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वैज्ञानिकों ने हाल ही में एक दिलचस्प घटना देखी जिसे ‘होल्स इन लाइट’ कहा जा रहा है. यह असल में रोशनी के भीतर बने ऐसे पैटर्न होते हैं, जो देखने में खाली जगह (छेद) जैसे लगते हैं. इनकी खास बात यह है कि ये लाइट की नॉर्मल स्पीड से भी तेज चलते हुए दिखाई देते हैं.
क्या सच में रोशनी से तेज कुछ चल सकता है?

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Physics के मुताबिक, लाइट की स्पीड (लगभग 3 लाख किमी/सेकंड) ब्रह्मांड की सबसे तेज गति मानी जाती है. लेकिन यहां जो ‘होल्स’ देखे गए हैं, वे असल में कोई भौतिक वस्तु नहीं हैं, बल्कि एक पैटर्न या प्रभाव हैं, इसलिए वे इस नियम को नहीं तोड़ते.
कैसे बनते हैं ‘लाइट होल्स’?

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जब वैज्ञानिक स्पेशल तरह की लेजर बीम्स और प्रकाश तरंगों को एक खास तरीके से इंटरफेयर कराते हैं, तब ये ‘डार्क स्पॉट’ बनते हैं. ये स्पॉट ऐसे दिखते हैं जैसे रोशनी के बीच कोई खाली जगह हो, इन्हीं को ‘लाइट होल्स’ कहा जाता है.
तेज कैसे दिखते हैं ये होल्स?

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इन ‘होल्स’ की स्पीड असल में उनकी पोजिशन के बदलने की वजह से तेज लगती है. यह एक तरह का ऑप्टिकल इफेक्ट है, जैसे छाया या लहर का पैटर्न तेजी से आगे बढ़ता दिखे, लेकिन उसमें कोई वास्तविक चीज इतनी तेज नहीं चल रही होती.
आइंस्टीन का सिद्धांत सुरक्षित है

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यह खोज सुनने में भले ही चौंकाने वाली लगे, लेकिन इससे Albert Einstein के सिद्धांत पर कोई असर नहीं पड़ता. क्योंकि यहां कोई द्रव्यमान या सूचना प्रकाश से तेज नहीं जा रही है, सिर्फ एक पैटर्न है जो ऐसा भ्रम पैदा करता है. वैज्ञानिक मानते हैं कि इस तरह की खोजें ऑप्टिक्स, क्वांटम कंप्यूटिंग और एडवांस कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी में मदद कर सकती हैं. यह हमें प्रकाश के व्यवहार को और गहराई से समझने में मदद देती है.
(All Photos Credit: Social Media)