भूकंप के बाद आसमान में दिखी 'फरिश्ते जैसी रोशनी', नजारा देख चौंक गए यहां के लोग; सामने आया सच
एजियन सागर में आए भूकंप के बाद आसमान में अजीब रोशनी दिखाई दी, जिसे कुछ लोगों ने फरिश्ता या जिन्न बताया. लेकिन वैज्ञानिकों ने इस रहस्यमयी घटना के पीछे की असली वजह बताई है.

रहस्यमयी रोशनी ने बढ़ाई जिज्ञासा
2 / 7एजियन सागर (Aegean Sea) के आसपास हाल ही में आए भूकंप के झटकों के बाद आसमान में एक बेहद अजीब और चमकदार रोशनी दिखाई दी. यह रोशनी सीधी खड़ी किरणों या चमकते हुए स्तंभ जैसी लग रही थी, जो जमीन से उठकर आसमान की ओर जाती नजर आ रही थी. स्थानीय लोगों ने पहले कभी ऐसा नजारा नहीं देखा था, इसलिए वे हैरान रह गए. कई लोगों ने तुरंत अपने मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड किए, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गए और इस रहस्यमयी घटना ने दुनिया भर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया.
लोगों ने बताया ‘फरिश्ता’ या ‘जिन्न’
3 / 7इस अनोखी रोशनी को देखकर लोगों ने अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दीं. कुछ लोगों ने इसे 'फरिश्ता' जैसा बताया, तो कुछ ने कहा कि यह किसी 'जिन्न' या अलौकिक शक्ति का संकेत हो सकता है. सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने दावा किया कि यह किसी बड़े बदलाव या आने वाली आपदा का संकेत है. कुछ लोग तो इसे धार्मिक दृष्टि से भी जोड़ने लगे. इस तरह की प्रतिक्रियाएं इसलिए भी सामने आईं क्योंकि यह घटना आमतौर पर देखने को नहीं मिलती.
क्या होती हैं Earthquake Lights?
4 / 7वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस तरह की रहस्यमयी रोशनी को 'Earthquake Lights' कहा जाता है. ये एक दुर्लभ प्राकृतिक घटना है, जो भूकंप से पहले, भूकंप के दौरान या उसके बाद देखी जा सकती है. दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में समय-समय पर ऐसी घटनाएं दर्ज की गई हैं. हालांकि यह बहुत कम देखने को मिलती हैं, इसलिए जब भी ऐसा होता है, लोगों को यह चौंकाने वाला लगता है और इसे लेकर कई तरह की अफवाहें फैलने लगती हैं.
कैसे बनती हैं ये रहस्यमयी रोशनी?
5 / 7वैज्ञानिकों का मानना है कि जब पृथ्वी की टेक्टोनिक प्लेट्स आपस में टकराती हैं या खिसकती हैं, तो चट्टानों पर बहुत ज्यादा दबाव पड़ता है. इस दबाव के कारण चट्टानों के अंदर मौजूद कुछ खनिजों में इलेक्ट्रिक चार्ज पैदा होता है. यह चार्ज धीरे-धीरे जमीन की दरारों के जरिए बाहर निकलता है और जब यह हवा के संपर्क में आता है, तो चमकदार रोशनी के रूप में दिखाई देता है. यही वजह है कि यह रोशनी जमीन से निकलती हुई आसमान तक जाती हुई नजर आती है.
प्लाज्मा जैसा असर
6 / 7जब यह इलेक्ट्रिक चार्ज हवा में फैलता है, तो वह हवा के अणुओं को आयनाइज कर देता है. इस प्रोसेस में प्लाज्मा बनता है, जो रोशनी पैदा करता है. यह वही प्रिंसिपल है, जिस पर नीयॉन लाइट या फ्लोरोसेंट लाइट काम करती है. यही वजह है कि ये रोशनी कभी नीली, कभी सफेद या कभी हल्की बैंगनी भी दिखाई दे सकती है. खास बात यह है कि इसमें आग जैसी गर्मी नहीं होती, बल्कि यह सिर्फ चमकदार ऊर्जा का असर होता है.
सदियों से देखी जा रही घटना
7 / 7Earthquake Lights कोई नई खोज नहीं है. इतिहास में कई बार ऐसी घटनाओं का जिक्र मिलता है. 1600 के दशक से लेकर आधुनिक समय तक, दुनिया के कई देशों-जैसे जापान, अमेरिका और इटली में भूकंप के दौरान या उससे पहले ऐसी रोशनी देखी गई है. हालांकि यह घटना इतनी दुर्लभ होती है कि हर बार लोगों को यह रहस्यमयी और अलौकिक ही लगती है. (All Photos Credit: Social Media)



















