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प्रशांत महासागर की लहरों के नीचे छिपी 'मारियाना ट्रेंच' को पृथ्वी का सबसे गहरा स्थान माना जाता है. यह समुद्र की सतह के नीचे एक बहुत ही विशाल और संकरी खाई है जिसका सबसे निचला बिंदु 'चैलेंजर डीप' कहलाता है.
कितनी है गहराई?

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वैज्ञानिकों के अनुसार इस खाई की गहराई लगभग 10,900 से 11,000 मीटर के बीच मापी गई है. इसे ऐसे समझें कि अगर माउंट एवरेस्ट को इसमें खड़ा कर दिया जाए तो भी उसकी चोटी पानी के बाहर नहीं आएगी.
कहां है स्थित?

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यह रहस्यमयी जगह पश्चिमी प्रशांत महासागर में मारियाना द्वीप समूह के पास स्थित है जिसके कारण इसका नाम पड़ा. यह खाई करीब 2,500 किलोमीटर लंबी और लगभग 69 किलोमीटर चौड़ी है जो कुदरत का एक बेमिसाल नमूना है.
किसने की खोज?

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साल 1960 में जैक पिकार्ड और डॉन वॉल्श ने पहली बार एक खास पनडुब्बी के जरिए इसकी गहराई तक पहुंचकर इतिहास रचा था. इन बहादुर खोजकर्ताओं ने दुनिया को बताया कि समंदर की गहराइयों में भी एक अलग ही संसार बसा हुआ है.
क्यों है खास?

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यह जगह केवल अपनी गहराई के लिए ही नहीं बल्कि पृथ्वी की बनावट को समझने के लिए भी बहुत जरूरी है. यह वह क्षेत्र है जहां धरती के भीतर मौजूद टेक्टोनिक प्लेट्स आपस में टकराती हैं जिससे भारी उथल-पुथल होती है.
क्या है जीके?

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अक्सर सामान्य ज्ञान के बड़े-बड़े धुरंधर भी इस जगह का सही नाम और इसकी सटीक गहराई बताने में चूक जाते हैं. समंदर के इस हिस्से में पानी का दबाव इतना ज्यादा है कि वहां किसी भी आम जीव का जिंदा रहना नामुमकिन है.