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हर माता पिता का सपना होता है कि वह अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा और बेहतर जिंदगी के लिए विदेश में पढ़ने भेजे, जिसके लिए वह मेहनत भी करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं दुनिया में एक देश ऐसा भी है, जहां सरकारी कर्मचारियों के बच्चों को विदेश में पढ़ाई करने की इजाजत नहीं है. आइए जानते हैं इस अनोखे देशे के बारे में और क्या लागू है ऐसा कानून?
इस देश में सरकारी कर्मचारियों पर बढ़ रही सख्ती

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इस देश का नाम चीन है, जो पड़ोस में मौजूद है. चीन में हाल के सालों में सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों से जुड़े नियम काफी सख्त कर दिए गए हैं. सरकार अब इस बात पर खास नजर रख रही है कि अधिकारियों के परिवार के सदस्य विदेश में पढ़ाई या स्थायी रूप से रह तो नहीं रहे हैं.
विदेश में पढ़ाई पर लगाया गया कंट्रोल

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कुछ मामलों में सरकारी कर्मचारियों के बच्चों को विदेश में पढ़ाई करने की अनुमति नहीं दी जाती है. अगर कोई अधिकारी इस नियम का पालन नहीं करता है तो उसके करियर पर बुरा असर पड़ सकता है और उसकी प्रमोशन तक रुक सकती है.
क्या है नेकेड ऑफिशियल्स?

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जिन अधिरकारियों के बच्चे, पति या पत्नी और परिवार के अन्य सदस्य विदेश में रहते हैं या वहां की नागरिकता रखते हैं, ऐसे लोगों को चीन में 'नेकेड ऑफिशियल्स' कहा जाता है. दूसरे शब्दों में कहा जाए, तो चीन सरकार का असली टारगेट यही लोग होते हैं.
आखिर इतनी सख्ती क्यों?

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बता दें कि यह नियम देश की सुरक्षा और भ्रष्टाचार या विदेशी प्रभाव से बचाव के लिए लागू किया गया है. अगर कोई कर्मचारी इससे जुड़े किसी भी मामले में पकड़ा जाता है, तो उसे सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है.
पदों से हटाए जा सकते हैं अधिकारी

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जिन अधिकारियों के परिवार विदेश में रहते हैं उन्हें कई बार महत्वपूर्ण और बड़े पदों से भी हटा दिया जाता है. इसके अलावा उन्हें छोटे पदों पर भेजा दिया जा सकता है या प्रमोशन को भी रोक दिया जाता है, साथ ही गंभीर मामलों में जेल भी हो सकती है.
पासपोर्ट जमा करना भी अनिवार्य

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चीन के कई सरकारी विभागों में कर्मचारियों को अपना पासपोर्ट ऑफिस में जमा कराना पड़ता है. यह नियम सिर्फ सीनियर अधिकारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि कुछ क्षेत्रों जैसे शिक्षक, डॉक्टर, नर्स और बैंक कर्मचारियों पर भी लागू होता है.
विदेश यात्रा के लिए लंबी मंजूरी प्रक्रिया

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अगर कोई कर्मचारी निजी कारणों से विदेश यात्रा करना चाहता है तो उसे लंबी अनुमति प्रक्रिया से होकर गुजरना पड़ता है. कई मामलों में आवेदन खारिज कर दिया जाता है और यात्रा की अनुमति मिलना मुश्किल हो जाती है. (Image: Pexels)