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Yuzvendra Chahal E-Cigarette: दरअसल जब युजवेंद्र चहल पंजाब किंग्स के टीम ट्रैवल का हिस्सा थे, तब बैकग्राउंड में यूजी की ये हरकत कैमरे में कैद हो गई. मामला तूल पकड़ने के बाद पीबीकेएस फ्रेंचाइजी ने कथित तौर पर अपने सोशल मीडिया अकाउंट से वीडियो हटा दिया.
इंटरनेट पर मची सनसनी

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युजवेंद्र चहल को अब अपनी इस करतूत पर शर्मिंदा होना पड़ रहा है, क्योंकि सोशल मीडिया पर उन्हें निशाने पर लिया जा रहा है. दरअसल फ्लाइट पर वैपिंग करना न सिर्फ अपराध है, बल्कि इससे बाकी पैसेंजर्स की जान भी खतरे में आ सकती है.
कितना बड़ा अपराध?

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युजवेंद्र चहल को अंदाजा भी नहीं होगा कि उन्होंने कितनी बड़ी गलती की है, इससे न सिर्फ उनका क्रिकेट करियर खत्म हो सकता है, बल्कि भारतीय कानून के तहत उन्हें जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है. आइए जानते हैं कि विमान में ई-सिगरेट पीना कितना बड़ा अपराध है. अगर उन्हें सजा मिली तो क्रिकेटर करियर भी खतरे में पड़ जाएगा.
'नो-फ्लाई लिस्ट' की सजा मुमकिन

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Aircraft Rules, 1937 के नियम 22 के तहत फ्लाइट में स्मोकिंग (जिसमें वैपिंग शामिल है) बैन है. इसका उल्लंघन करने पर पैसेंजर को गिरफ्तार किया जा सकता है. इसके अलावा डीजीसीए के नियमों के मुताबिक, प्लेन में उपद्रवी व्यवहार करने वाले यात्रियों को 3 महीने से लेकर आजीवन 'नो-फ्लाई लिस्ट' में डाला जा सकता है.
जुर्माना और जेल

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'ई-सिगरेट निषेध अधिनियम' के तहत पहली बार नियम तोड़ने पर 1 साल तक की जेल या 1 लाख रुपये तक का जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं. दोबारा पकड़े जाने पर यह सजा 3 साल की जेल और 5 लाख रुपये तक के जुर्माने में बदल सकती है.
बाकी पैसेंजर्स के लिए खतरा

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विमान में ई-सिगरेट के छुएं से फायर अलार्म बज सकता है और पायलट को इमरजेंसी लैंडिग का भी फैसला लेना पड़ सकता है. इसके अलावा यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो सकता है. ऐसी सिचुएशन में कई पैसेंजर को पैनिक अटैक तक आ सकता है.
बैटरी फटने का डर

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ई-सिगरेट में लिथियम बैटरी होती है. अगर इसमें तकनीकी खराबी के कारण ब्लास्टहो जाता है, ऐसे विमान की ऊंचाई और पैनिक सिचुएशन में आग को बुझाना मुश्किल हो सकता है, जिससे पूरी फ्लाइट खतरे में पड़ सकती है. यानी चहल ने जाने या अनजाने में सैकड़ों मुसाफिरों की जान खतरे में डाल दी.