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Yuvraj Singh On His Retirement: टीम इंडिया के दिग्गज ऑलराउंडर और 2011 वर्ल्ड कप जीत के हीरो युवराज सिंह इन दिनों सुर्खियों में हैं. युवराज ने हाल ही में एक इंटरव्यू में में अपने रिटायरमेंट और करियर के आखिरी दिनों को लेकर बात करते हुए कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. युवी ने 10 जून 2019 को क्रिकेट के सभी फॉर्मेट सें संन्यास ले लिया था. वहीं, अब उन्होंने अपने संन्यास के फैसले को लेकर तत्कालीन कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री पर निशाना साधा है.
कोहली और शास्त्री ने नहीं दी क्लैरिटी

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युवराज ने स्पोर्ट्स तक से बातचीत में अपने रिटायरमेंट से पहले का एक किस्सा बताते हुए कहा कि कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री से उन्हें कोई क्लियरिटी नहीं मिल रही थी. उन्होंने कहा कि 36-37 साल की उम्र में जब उनका टीम में आना-जाना लगा हुआ था, तब न तो NCA, न कप्तान विराट कोहली और न ही कोच रवि शास्त्री ने उनसे सीधे बात की.
'थोड़ी इज्जत तो बनती है'

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युवी ने कहा कि, "उस समय मुझे लगा कि मैं बीच में फंस गया हूं. मैंने देश के लिए इतना क्रिकेट खेला, तो कम से कम थोड़ी इज्जत और साफ बात तो बनती थी, लेकिन मुझे कुछ भी साफ नहीं बताया गया."
धोनी ने बताई सच्चाई

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युवराज ने बताया कि तब उन्होंने एमएस धोनी को फोन किया. धोनी ने उन्हें साफ-साफ बता दिया कि सिलेक्टर्स अब आगे की सोच रहे हैं और वो प्लान का हिस्सा नहीं हैं. इससे उन्हें वो क्लैरिटी मिल गई जो मैनेजमेंट से नहीं मिल रही थी.
संन्यास के लिए दबाव बनाया गया

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युवराज ने आगे यह भी कहा कि मैनेजमेंट की तरफ से उन पर रिटायरमेंट लेने का दबाव था. उन्हें कहा गया कि वो अब यो-यो टेस्ट पास नहीं कर पाएंगे, इसलिए बेहतर है कि वो खुद ही संन्यास ले लें. इस पर युवी ने साफ कहा, “रिटायर होना मेरा फैसला होगा, टीम में खिलाना या नहीं, वो आपका.”
संन्यास के बाद क्यों नहीं की कमेंट्री?

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युवराज ने संन्यास के बाद कमेंट्री से दूरी बनाए रखने पर भी खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि वो उन लोगों के साथ बैठकर काम नहीं करना चाहते जिन्होंने उनके बारे में पर्सनल कमेंट्स किए थे. उनके मुताबिक, खेल पर आलोचना ठीक है, लेकिन पर्सनल बातें भूलना आसान नहीं होता.
युवराज सिंह का शानदार क्रिकेट करियर

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2000 में भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखने वाले युवराज ने करीब 19 साल के लंबे करियर में भारत के लिए 40 टेस्ट, 304 वनडे और 58 टी20I मैच खेले, जिसमें उन्होंने कुल 11778 रन बनाए. युवी टी20 वर्ल्ड कप 2007 और वनडे वर्ल्ड कप 2011 जीतने वाली टीम का अहम हिस्सा रहे.
2011 वर्ल्ड कप में बने थे प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट

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2011 वर्ल्ड कप में युवराज ने कमाल का प्रदर्शन किया और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बने, जहां उन्होंने 362 रन बनाए और 15 विकेट भी लिए. हालांकि, वर्ल्ड कप के बाद उन्हें कैंसर हो गया, जिससे उबरने के बाद उन्होंने वापसी तो की, लेकिन पहले जैसी फॉर्म वापस नहीं आ पाई और साल 2019 में इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया.