हालांकि जैसे-जैसे सीजन आगे बढ़ा, टीम का सफर एक अजीब मोड़ पर आ गया. पंजाब अपनी जीत की लय को बनाए रखने में नाकाम रही और लीग स्टेज के दूसरे आधे हिस्से में उन्हें लगातार 6 मैचों में हार का सामना करना पड़ा. हालांकि वे सीजन का अंत एक जीत के साथ करने में कामयाब रहे, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था, जिसकी वजह से वो टॉप 4 टीमों से बाहर रह गए.

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क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने टीम के इस अचानक हुए डाउनफॉल पर अपनी बात शेयर की. उनके मुताबिक, आईपीएल जैसे लंबे टूर्नामेंट में 'मोमेंटम' (जीत की लय) एक बहुत ही अहम फैक्टर होता है, लेकिन टीमों को नतीजों के बारे में ज्यादा चिंता करने के बजाय अपनी प्रॉसेस पर फोकस करना चाहिए.

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सचिन तेंदुलकर ने कहा कि जैसे-जैसे टूर्नामेंट आगे बढ़ा, पंजाब का खेलने का अंदाज शायद बदल गया था. उन्हें लगा कि टीम ने पहले आधे हिस्से में पूरी आजादी और कॉन्फिडेंस के साथ खेला, और उनका पूरा ध्यान खेल को सही तरीके से लागू करने और सही फैसले लेने पर था. इसके उलट, सीजन के बाद के हिस्से में उनका ध्यान नतीजों पर ज्यादा था, जिसका असर शायद उनके प्रदर्शन पर पड़ा.

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भारत के पूर्व कप्तान ने पूरे टूर्नामेंट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के लिए गुजरात टाइटंस की भी तारीफ की. भले ही जीटी ने इस बार खिताब नहीं जीता, लेकिन उन्होंने एक बार फिर ये साबित कर दिया कि वो पूरे सीजन के दौरान लगातार अच्छा प्रदर्शन करने और अपनी तय की गई रणनीति पर टिके रहने में कितने माहिर हैं.

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सचिन तेंदुलकर ने कहा कि जीटी शायद ही कभी अपने पसंदीदा खेलने के अंदाज से भटकती है. 2022 में आईपीएल में शामिल होने के बाद से, अपने प्रदर्शन में बड़े उतार-चढ़ाव से बचने की उनकी ये क्षमता ही इस फ्रेंचाइजी की सबसे बड़ी ताकत रही है.

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पूरे आईपीए 2026 पर नजर डालते हुए, तेंदुलकर ने इस बात पर जोर दिया कि टूर्नामेंट का नतीजा शायद ही कभी शुरुआती पॉइंट्स टेबल के बेस पर तय होता है. समय के साथ टीमें बेहतर होती हैं, खिलाड़ी अपने खेल में सुधार करते हैं, और रणनीतियां भी बदलती रहती हैं. पंजाब किंग्स का यह सीजन आखिरकार इस बात की याद दिलाता है कि IPL जैसे बेहद कॉम्पिटिटिव टूर्नामेंट में किस्मत कितनी तेजी से बदल सकती है.