
1 / 6
इंडियन प्रीमियर लीग में 'इम्पैक्ट प्लेयर रूल' की अकसर आलोचना की जाती है, कई एक्सपर्ट का मानना है कि ये क्रिकेट के मूल नियम के खिलाफ है, हालांकि अभी ऐसा लगता नहीं कि बीसीसीआई इसको हटाने पर विचार करेगी.

2 / 6
पोलार्ड ने कहा, 'जो लोग इस व्यवस्था को चलाते हैं, उन्हें इस पर गौर करना चाहिए कि क्या ये सचमुच क्रिकेट के लिए अच्छा है या सिर्फ टीवी के लिए. इसे हटाने की बात करें, तो यह मेरे अधिकार क्षेत्र से बाहर की बात है. लेकिन जैसा कि मैंने पहले कहा, इसने निश्चित रूप से टी20 क्रिकेट में स्कोर बढ़ा दिए हैं.'

3 / 6
'इम्पैक्ट प्लेयर रूल', जिसे 2023 में लागू किया गया था, टीमों को शुरुआती प्लेइंग इलेवन में से किसी एक खिलाड़ी को हटाकर उसकी जगह रिजर्व के तौर पर रखे गए 5 खिलाड़ियों में से किसी एक को खिलाने की इजाजत देता है. इससे पहले, रोहित शर्मा और विराट कोहली दोनों ही इस नियम पर अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं.

4 / 6
इस साल के आईपीएल से पहले हुई कप्तानों की बैठक में भी कई कप्तानों ने इस नियम का विरोध किया था, लेकिन उन्हें बताया गया कि ये रूल मौजूदा सीजन में लागू रहेगा. 2028 में शुरू होने वाले अगले सीजन से पहले इस नियम पर दोबारा विचार किया जा सकता है.

5 / 6
पोलार्ड ने कहा, 'जब आप शुरुआती ओवरों में ही कुछ विकेट गंवा देते हैं और आपको पारी को संभालने की जरूरत होती है, तो खेल का मिजाज बिल्कुल अलग होता है. ये खिलाड़ियों के लिए अच्छा है, क्योंकि 'इम्पैक्ट रूल' की वजह से कुछ ऐसे स्किल सेट हैं, जिनका इस्तेमाल इंटरनेशनल क्रिकेट में नहीं हो पाता. इसलिए उम्मीद है कि वो इस बात पर गौर करेंगे कि क्या ये नियम सचमुच फायदेमंद है.'

6 / 6
पोलार्ड ने कहा, 'या अगर ऐसा नहीं है, और यही नियम-कानून हैं, तो आपको इन्हीं के साथ आगे बढ़ना होगा. अगर आप मुझसे निजी तौर पर पूछें कि मुझे यह नियम पसंद है या नहीं, तो मैं साफ-साफ कहूंगा कि मुझे ये नियम बिल्कुल भी पसंद नहीं है.'