बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम से आईपीएल की मेजबानी छिनना आरसीबी फैंस के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि सभी उम्मीद कर रहे थे कि इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें सीजन का टाइटल क्लैश इस ऐतिहासिक वेन्यू में होगा.

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इससे पहले ऐसी रिपोर्ट्स आई थीं कि कर्नाटक के विधायकों और विधान परिषद के सदस्यों को बड़ी संख्या में मुफ्त टिकट देने की मांग की वजह से बीसीसीआई ने यह फैसला लिया था. हालांकि, KSCA के अधिकारियों ने अब इशारा दिया है कि बेंगलुरु के इस स्टेडियम में सीटिंग कैपेसिटी भी इस फैसले के पीछे एक अहम वजह थी.

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फिलहाल एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में तकरीबन 40,000 दर्शक बैठ सकते हैं, हालांकि IPL 2026 के दौरान इसकी ऑपरेशनल सीमा घटाकर लगभग 28,000 कर दी गई थी. इसकी तुलना में अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 132,000 से ज्यादा फैंस के बैठने की क्षमता है, जो इसे दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम बनाती है.

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इस परेशानी को हल करने के लिए, KSCA ने एक बड़े रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट की तैयारियां शुरू कर दी हैं, जिसका मकसद स्टेडियम में बैठने की क्षमता बढ़ाना और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाना है. ये ऐलान 22 मई को महाराजा ट्रॉफी और महारानी ट्रॉफी के लॉन्च इवेंट के दौरान की गई थी.

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KSCA के अध्यक्ष और भारत के पूर्व तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद ने कंफर्म किया है कि इस प्रोजेक्ट के लिए दुनिया के अलग-अलग हिस्सों के आर्किटेक्ट्स से सलाह ली जा रही है. एसोसिएशन फिलहाल फाइनल डिजाइन और प्लानिंग टीम को चुनने की प्रॉसेस में है.

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बेंगलुरु में से बात करते हुए प्रसाद ने कहा, 'आईपीएल फाइनल को बेंगलुरु से अहमदाबाद शिफ्ट करने की एक वजह सीटिंग कैपेसिटी हो सकती है. दुनिया भर से लगभग 28 आर्किटेक्ट्स ने एम चिन्नास्वामी स्टेडियम को रीडिजाइन और रीडेवलप करने में दिलचस्पी दिखाई है. हम आर्किटेक्ट्स की फाइनल टीम को शॉर्टलिस्ट करने की प्रॉसेसे में हैं.'