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इस बात में कोई शक नहीं है कि जोस बटलर एक बेहतरीन विकेटकीपर-बल्लेबाज हैं, लेकिन उनके सितारे गर्दिश में चल रहे हैं, ऐसे में सवाल उठता है कि वो इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें सीजन के जरिए कमबैक करेंगे या रिटायरमेंट की तरफ बढ़ जाएंगे.

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स्टुअर्ट ब्रॉड के साथ 'फॉर द लव ऑफ क्रिकेट' पॉडकास्ट पर बात करते हुए बटलर ने कहा, 'सच कहूं तो मुझे अच्छा महसूस हो रहा है. टी20 वर्ल्ड कप के बाद मिले ब्रेक से मुझे काफी अच्छा लगा; मुझे बल्ले को कुछ वक्त के लिए किनारे रखने और थोड़ा सुकून पाने का मौक़ा मिला. असल में मैं बस खुद पर और अपनी तैयारी पर ध्यान दे रहा हूं, और ये पक्का कर रहा हूं कि जब गेंद फेंकी जाए, तो मैं सही पोजिशन में होऊं और मैं ऐसा कर भी रहा हूं.'

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टी20 वर्ल्ड कप 2026 में उनका प्रदर्शन उम्मीदों से काफी नीचे रहा, क्योंकि उन्होंने 8 पारियों में सिर्फ 87 रन बनाए थे. अपने पिछले 11 T20I मैचों में उन्होंने सिर्फ 168 रन बनाए हैं.

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फॉर्म में गिरावट के बीच इस सीजन के अपने पहले 2 मैचों में उन्होंने 38 और 26 रन बनाए. बटलर ने आगे कहा, 'और फिर बस अपने खेल पर, अपने तजुर्बे पर भरोसा करना, और चीजों को स्वाभाविक रूप से होने देना. मैं कुछ अच्छी पोजिशंस में पहुंचा हूं, जैसे कि कुछ अच्छी शुरुआतें मिली हैं. आप हमेशा आगे बढ़कर मैच जिताने वाला योगदान देना चाहते हैं, लेकिन पिच पर शांत और अच्छी मानसिक स्थिति में महसूस करना भी काफी अच्छा लगता है. उम्मीद है कि मैं इसे ऐसे ही जारी रख पाऊंगा.'

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बटलर ने नेगेटिव थॉट और मेंटल बैरियर से बचने के बारे में भी बात की. बटलर ने कहा, 'कभी-कभी ऐसा हो सकता है – और मैंने यकीनन कई बार ऐसा किया भी है – कि किसी खास गेंदबाज या किसी खास मैदान को लेकर मन में एक तरह की मानसिक रुकावट (mental block) पैदा हो जाए, और आप सोचने लगें कि 'यह चीज मेरे लिए काम नहीं करती' या 'यह मैदान मेरे लिए सही नहीं है.' या फिर 'मैं किसी भी मैदान पर रन क्यों नहीं बना पा रहा हूं?' – इस तरह की मानसिकता. मैं अब खुद को ऐसी सोच से पूरी तरह दूर रखने की कोशिश कर रहा हूं.'

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गुजरात की टीम ने इस सीजन में अभी तक अपना खाता नहीं खोला है, क्योंकि वो अब तक अपने दोनों मैच हार चुके हैं. अगर जोस बटलर टीम के लिए कुछ बड़ा योदगान देते तो जीटी की कहानी कुछ और होती.