Garuda Purana: ये 6 महापाप खोलते हैं नर्क के द्वार, मृत्यु के बाद भुगतनी पड़ती है भीषण सजा

Garuda Purana: गरुड़ पुराण में बताए गए 6 महापाप मृत्यु के बाद नर्क के द्वार खोलते हैं। क्या आप जानते हैं, कौन से पाप यमराज के दरबार में कठोर दंड दिलाते हैं और जीवन पर इसका क्या असर पड़ता है?

Garuda-Purana
1 / 8

विज्ञापन

गरुड़ पुराण में पाप की सजा

गरुड़ पुराण में पाप की सजा2 / 8

Garuda Purana: हिंदू धर्म के 18 महापुराणों में गरुड़ पुराण का स्थान अत्यंत विशिष्ट है। भगवान विष्णु और उनके वाहन पक्षीराज गरुड़ के बीच हुआ यह संवाद केवल मृत्यु के बाद की यात्रा नहीं, बल्कि जीवन जीने की सही कला भी सिखाता है। इस ग्रंथ में स्पष्ट किया गया है कि इंसान के कर्म ही उसकी परलोक यात्रा तय करते हैं। जो लोग भौतिक संसार के मोह में आकर कुछ विशेष अपराध या पाप करते हैं, उन्हें यमराज के दरबार में अत्यंत कठोर और पीड़ादायक दंड का सामना करना पड़ता है।

विज्ञापन

माता-पिता और गुरु का अपमान

माता-पिता और गुरु का अपमान3 / 8

गरुड़ पुराण के अनुसार, जिन्होंने आपको जन्म दिया और जिन्होंने आपको ज्ञान देकर अंधकार से निकाला, उनका निरादर करना सबसे बड़ा अधर्म है। जो लोग अपने वृद्ध माता-पिता को बेसहारा छोड़ देते हैं या अपने गुरु का उपहास उड़ाते हैं, उनकी आत्मा को मृत्यु के बाद कभी शांति नहीं मिलती। यमलोक में ऐसे लोगों के लिए अत्यंत कष्टकारी मार्ग निर्धारित किए गए हैं, जहां उन्हें अपनी गलतियों का प्रायश्चित करना पड़ता है।

विश्वासघात और झूठी गवाही

विश्वासघात और झूठी गवाही4 / 8

समाज में किसी का भरोसा तोड़ना या स्वार्थ के लिए झूठी गवाही देना एक गंभीर मानसिक पाप माना गया है। अगर आपकी वजह से किसी निर्दोष को सजा मिलती है या किसी का घर उजड़ता है, तो गरुड़ पुराण के मुताबिक इसका हिसाब यमराज स्वयं करते हैं। विश्वासघात करने वाली आत्मा को घोर नर्क की यातनाएं सहनी पड़ती हैं, क्योंकि सत्य का साथ न देना सीधे तौर पर ईश्वर का अपमान करने के समान है।

विज्ञापन

गौ हत्या और जीव हिंसा

गौ हत्या और जीव हिंसा5 / 8

सनातन परंपरा में गाय को मात्र एक पशु नहीं, बल्कि 'माता' का दर्जा दिया गया है जिसमें समस्त देवताओं का वास माना जाता है। गरुड़ पुराण कहता है कि गौ हत्या करने वाला व्यक्ति महापाप का भागी बनता है। ऐसी आत्मा को स्वर्ग के द्वार कभी नहीं दिखते और उसे युगों तक कष्ट झेलना पड़ता है। सिर्फ गाय ही नहीं, बल्कि किसी भी निरीह जीव को बेवजह कष्ट पहुंचाना भी नर्क की ओर ले जाने वाला रास्ता है।

भ्रूण हत्या का महापाप

भ्रूण हत्या का महापाप6 / 8

आज के आधुनिक दौर में भी गरुड़ पुराण की यह सीख अत्यंत प्रासंगिक है। गर्भ में पल रहे शिशु की हत्या करना या उसमें सहायता करना सबसे जघन्य अपराधों की श्रेणी में आता है। इस पाप का बोझ आत्मा पर इतना भारी होता है कि उसे मोक्ष मिलना असंभव हो जाता है। ऐसे अपराधियों को यमलोक में भीषण तपिश और पीड़ा सहनी पड़ती है, जिसका प्रभाव जन्म-जन्मांतर तक बना रहता है।

विज्ञापन

स्त्री का अनादर और शोषण

स्त्री का अनादर और शोषण7 / 8

गरुड़ पुराण में नारी शक्ति के सम्मान पर विशेष बल दिया गया है। जो पुरुष किसी असहाय स्त्री का शोषण करते हैं, उसके सम्मान को ठेस पहुंचाते हैं या पराई स्त्री पर बुरी नजर रखते हैं, उन्हें नर्क में कुंभीपाक जैसे भयानक कुंडों में डाला जाता है। शास्त्रों के अनुसार, जहां नारी की पूजा होती है वहां देवता बसते हैं, और इसके विपरीत आचरण करने वाले का पतन निश्चित है।

अमानत में खयानत करना

अमानत में खयानत करना8 / 8

अगर कोई व्यक्ति आपके पास अपनी कोई वस्तु या धन धरोहर के रूप में रखता है और आप उसे हड़प लेते हैं, तो यह भी महापाप है। गरुड़ पुराण के अनुसार, दूसरों के धन पर नजर रखने वाला व्यक्ति कभी सुखी नहीं रह सकता। मृत्यु के उपरांत ऐसी आत्मा को दर-दर भटकना पड़ता है और उसे किसी भी लोक में स्थान नहीं मिलता है।

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेखक के बारे में

Shyamnandan

Shyamnandan

श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
... और पढ़ें
विज्ञापन