Mahabharat Ke Shrap: महाभारत के 3 भयानक श्राप, जिनका असर आज भी कलियुग में जारी

Mahabharat Ke Shrap: जब कभी भी हम महाभारत के युद्ध के बारे में पढ़ते हैं तो हर बार कुछ नया पता चलता है. इस दौरान इतनी घटनाएं घटी हैं, जिन सभी के बारे में शायद ही हर व्यक्ति को पता हो. यहां पर आज आप महाभारत के उन 3 श्राप के बारे में जानेंगे, जिससे कलयुग के लोग भी पीछा नहीं छुड़ा पाए हैं.

Mahabharat Ke Shrap
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द्वापर युग में महाभारत हुई थी, जो कि केवल एक युद्ध की कहानी नहीं है. इससे धर्म, अधर्म, झूठ, सच और कर्मों का गहरा संदेश मिलता है. इस दौरान कई महान योद्धाओं व शक्तिशाली पात्रों ने कई ऐसे श्राप दिए, जिनका प्रभाव आज के समय यानी कलयुग में भी जारी है. आज हम आपको पौराणिक शास्त्रों में बताए गए उन 3 श्राप के बारे में बताने जा रहे हैं, जो अभी तक लोगों के जीवन को प्रभावित कर रहे हैं. (Image Credit- AI Gemini)

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युधिष्ठिर ने दिया था समस्त नारी जाति को श्राप

युधिष्ठिर ने दिया था समस्त नारी जाति को श्राप2 / 5

अक्सर कहा जाता है कि महिलाओं के पेट में कोई बात नहीं छुपती है. लेकिन क्या आपको पता है कि ये एक श्राप है, जो कि महिलाओं को महाभारत युद्ध के बाद युधिष्ठिर द्वारा दिया गया था. दरअसल, महाभारत के युद्ध के अंत तक पांडवों को नहीं पता था कि कर्ण कुंती का बेटा है. जब ये बात युधिष्ठिर को पता चली तो उन्होंने माता कुंती समेत समस्त नारी जाति को श्राप दिया कि उनके पेट में कभी कोई बात नहीं छुप पाएगी. (Image Credit- Meta AI)

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श्री कृष्ण ने दिया था अश्वत्थामा को श्राप

श्री कृष्ण ने दिया था अश्वत्थामा को श्राप3 / 5

महाभारत के युद्ध के दौरान अश्वत्थामा ने पांडवों के पुत्र की हत्या कर दी थी, जिससे क्रोधित होकर भगवान श्रीकृष्ण ने अश्वत्थामा को श्राप दिया था कि वो कलयुग के अंत तक जीवित रहेंगे और धरती पर इधर-उधर भटकते रहेंगे. आपको बता दें कि देश के कई हिस्सों में समय-समय पर अश्वत्थामा के दिखने की खबर सामने आती रहती है, लेकिन कभी भी इसकी पुष्टि नहीं की गई है. (Image Credit- Pinterest)

शमीक ऋषि ने दिया था राजा परीक्षित को श्राप

शमीक ऋषि ने दिया था राजा परीक्षित को श्राप4 / 5

प्राचीन काल में एक दिन राजा अभिमन्यु का बेटा परीक्षित वन में शिकार कर रहा था, जिस दौरान उसे शमीक ऋषि दिखाई दिए. परीक्षित ने कई बार ऋषि को आवाज दी, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया क्योंकि उनका मौन व्रत था. ये देख राजा परीक्षित को बहुत गुस्सा आया और उन्होंने ऋषि के ऊपर मरा हुआ सांप फेंक दिया. जब यह बात ऋषि के बेटे शमीक ऋषि को पता चली तो उन्होंने परीक्षित को श्राप दिया कि 7 दिनों के अंदर उनकी सांप के काटने के कारण मृत्यु हो जाएगी. कहा जाता है कि जब तक राजा परीक्षित जीवित थे, तब तक कलयुग का प्रभाव लोगों के ऊपर हावी नहीं हो सकता था लेकिन जैसे ही उनकी मृत्यु हुई तो कलयुग शुरू हो गया. (Image Credit- Freepik)

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कलयुग कब से कब तक चलेगा?

कलयुग कब से कब तक चलेगा?5 / 5

कई पौराणिक शास्त्रों में बताया गया है कि कलियुग की कुल अवधि 4,32,000 वर्ष की होगी, जिसकी शुरुआत 3102 ईसा पूर्व में भगवान कृष्ण के देह त्याग करने के बाद हुई थी. जानकार कहते हैं कि अब तक कलयुग के लगभग 5,127 वर्ष बीत चुके हैं. (Image Credit- Freepik) (डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी शास्त्रों पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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