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पाकिस्तान में बढ़ती तेल की कीमतों के बाद हाहाकार मच गचा है. ईरान-इजरायल युद्ध ने शहबाज सरकार की कमर तोड़ दी है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल और गैस के जहाज ईरान के टारगेट पर हैं. ऐसे में पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था चरमराती हुई दिखाई दे रही है. पाकिस्तान में लोगों की सैलरी में कटौती और अब पेट्रोल के दामों में भी भारी बढ़ोतरी की गई है. बता दें कि पाकिस्तान में हर लीटर पर 200 रुपये का टैक्स बढ़ाया गया है.
पाकिस्तान सरकार ने लगाया हाई ऑक्टेन ईंधन पर टैक्स

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पाकिस्तान सरकार ने यह टैक्स लग्जरी वाहनों में इस्तेमाल होने वाले हाई-ऑक्टेन ईंधन पर लगाया है. पाकिस्तान सरकार ने हाई-ऑक्टेन ईंधन पर शुल्क को 100 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये प्रति लीटर करने का फैसला किया है. अगर ईरान और अमेरिका के बीच जारी जंग जल्द नहीं थमी, तो पाकिस्तान की हालत और खराब हो जाएगी, क्योंकि उनका तेल का भंडार कुछ ही दिनों का बचा है.
पाकिस्तान में ऊर्जा संकट

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पाकिस्तान अपने पेट्रोलियम आयात का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा मिडिल ईस्ट से पूरा करना है. ईरान और इजरायल युद्ध के कारण जहाजों के आवागमन के मुख्य मार्ग और आपूर्ति चेन बुरी तरह प्रभावित हुई हैं. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में पाकिस्तान के तेल और गैस वाले टैंकर फंसे हुए हैं. ईरान उसे निकलने नहीं दे रहा है. इसकी वजह से पाकिस्तान पर ऊर्जा संकट के बादल मंडराने शुरू हो गए हैं. अगर स्थिति नहीं सुधरी, तो पाकिस्तान के हालात कितने खराब हो सकते हैं, उसकी सिर्फ कल्पना ही की जा सकती है.
कितने रुपये बढ़ी कीमत?

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पाकिस्तान सरकार ने हाई ऑक्टेन पेट्रोल की कीमत 105.37 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 305.37 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर हो गई है. यह 200 रुपये का सीधा इजाफा है, जो आम जनता के लिए झटका साबित हो रहा है.
पाकिस्तान इमरजेंसी फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व कितने पर सिमटा?

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दरअसल पाकिस्तान इमरजेंसी फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व मात्र 9 बिलियन डॉलर के आसपास सिमट चुका है, जबकि आयात बिल 50 बिलियन डॉलर से अधिक है. सरकार ने इस बढ़ोत्तरी को IMF के लिए सब्सिडी खत्म करने की जरूरी शर्त को पूरा करने की मजबूरी बताया है.
लाहौर, कराची और इस्लामाबाद में प्रदर्शन

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लाहौर, कराची और इस्लामाबाद में इस बढ़ोत्तरी के बाद प्रदर्शन शुरू हो गए हैं. ट्रांसपोर्टरों ने हड़ताल की धमकी दी है, जबकि ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री ने उत्पादन में कटौती का संकेत दिया है. अर्थशास्त्रियों का कहना है कि यह कदम महंगाई को और भड़का सकता है. High Octane पेट्रोल के अलावा डीजल और केरोसिन पर भी 50-70 रुपये की बढ़ोतरी की गई है.