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What Is Silent Divorce: डिवोर्स का मतलब होता है पति-पत्नी का एकदूसरे के साथ रिश्ता खत्म कर लेना, लेकिन साइलेंट डिवोर्स क्या होता है? असल में साइलेंट डिवोर्स वो स्थिति है जिसमें पति-पत्नी कागज पर तो पति-पत्नी ही रहते हैं लेकिन असल जिंदगी में रिश्ता खत्म होने लगता है. वे एक छत के नीचे रहकर भी अजनबी बन जाते हैं. एकदूसरे से भावनात्मक रूप से (Emotional Distance), मानसिक रूप से और कई बार शारीरिक रूप से भी अलग होने लगते हैं. यहां जानिए वो कौन से 5 बदलाव हैं जो इस ओर इशारा करते हैं कि शायद आप साइलेंट डिवोर्स में हैं. साथ हीं, किस तरह रिश्ते को ठीक कर सकते हैं, ये भी जानिए यहां.
इमोशनल दूरी

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महिलाएं ज्यादातर साइलेंट डिवोर्स को चुनती हैं. कई बार दोनों पार्टनर तो कभी एक पार्टनर भी साइलेंट डिवोर्स चुन सकता है. इसका सबसे बढ़ा साइन है इमोशनली दूर होना. एकदूसरे को मानसिक तौर पर ना समझ पाना, अपना दुख ना बांट पाना और चुनौतियों से अकेले लड़ना.
बातचीत कम हो जाना

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आप दोनों की बातें कुछ शब्दों के आदान-प्रदान तक ही सीमित रहने लगती हैं. आप पहले जितनी बातें करते थे अब उतनी नहीं कर पाते और आपको एकदूसरे से बात करते हुए पहले जैसा सुकून भी महसूस नहीं होता है.
इंटीमेसी से कतराना

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पति-पत्नी जितना इमोशनली करीब होते हैं उतना फिजीकली भी एकदूसरे से अट्रैक्टेड होते हैं. साइलेंट डिवोर्स में इंटीमेसी कम होने लगती है. एकदूसरे को छूने से बचने लगते हैं. कई बार कपल एक घर में तो रहते हैं लेकिन एक ही बिस्तर पर नहीं सोते.
व्यवहार में बदलाव

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साइलेंट डिवोर्स में व्यवहार बदलने लगता है. पार्टनर उखड़ा-उखड़ा रहने लगता है और आपको अपनी जिंदगी का हिस्सा नहीं बनने देता. रिश्ते में एक तरह से पार्टनर की हिस्सेदारी कम होने लगती है. कई बार पार्टनर के साथ झगड़े होने लगते हैं और वे सुलझते नहीं हैं.
पार्टनर के बिना भविष्य की कल्पना

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अगर आप अपने पार्टनर के बिना अपने भविष्य की कल्पना करने लगे हैं या आपको दिख रहा है कि आपके पार्टनर के प्लान्स में अब आप नहीं हैं तो यह भी साइलेंट डिवोर्स का साइन हो सकता है.