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अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है कि अमेरिकी नेशनल गार्ड और भारतीय एनएसजी कमांडो में कौन ज्यादा ताकतवर है? दोनों ही बल अपने मजबूती, खतरनाक ऑपरेशन और सटीक नतीजों के लिए जाने जाते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं दोनों में कौन ज्यादा ताकतवर है?

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नेशनल गार्ड अमेरिका के राज्यों और संघीय सरकार दोनों के अधीन काम करती है प्राकृतिक आपदा, दंगे, बड़े हमले या युद्ध जैसी परिस्थितियों में इसे तुरंत तैनात किया जाता है. यह एक रिजर्व सैन्य बल है, जो जरूरत पड़ने पर सक्रिय सेना की तरह काम करता है.

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नेशनल गार्ड के जवानों को हथियार संचालन, भीड़ नियंत्रण, आपदा प्रबंधन और विशेष अभियानों की ट्रेनिंग दी जाती है. इनके पास अलग-अलग यूनिट होती हैं, जो हालात के अनुसार ही काम करती हैं. संख्या और संसाधनों के मामले में यह अमेरिका की बड़ी सुरक्षा ताकत मानी जाती है.

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वहीं, एनएसजी कमांडो, जिन्हें ब्लैक कैट के नाम से जाना जाता है, सिर्फ आतंकवाद विरोधी मिशनों के लिए तैयार किए जाते हैं. इनकी ट्रेनिंग बेहद कठिन होती है, जिसमें शारीरिक और मानसिक सहनशीलता की कड़ी परीक्षा ली जाती है. इस सेना में चयन प्रक्रिया भी बहुत सख्त होती है, जो हर किसी के बस की नहीं होती.

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एनएसजी का मुख्य काम बंधक मुक्त कराना, आतंकवादी हमलों का जवाब देना, वीआईपी सुरक्षा और बम निष्क्रिय करना है. इनके ऑपरेशन तेज, सटीक और गुप्त रणनीति पर आधारित होते हैं. यही वजह है कि विशेष मिशनों में इन्हें बेहद प्रभावी माना जाता है.

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नेशनल गार्ड को राज्य और सैन्य जरूरतों के अनुसार हथियार और उपकरण दिए जाते हैं. वहीं NSG के पास अत्याधुनिक और खास मिशन के लिए तैयार किए गए हथियार होते हैं. हालांकि दोनों की ट्रेनिंग और उपकरण उनके काम के अनुसार अलग-अलग डिजाइन किए जाते हैं.

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अगर संख्या और बहु-भूमिका की बात करें तो नेशनल गार्ड बड़ी ताकत है. लेकिन NSG कमांडो बेहद कम संख्या में होने के बावजूद आतंकवाद विरोधी विशेष मिशनों में कहीं अधिक खतरनाक, सटीक और विशेषज्ञ माने जाते हैं. ऐसे में यह साफ है कि दोनों अपनी-अपनी जिम्मेदारी में बेहद ताकतवर और प्रभावशाली हैं. (Image: AI)