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अक्सर लोगों शिकायत रहती है कि जिस दोस्त को वह अपना सबसे जिगरी और करीबी मानते हैं, वो ही कहीं न कहीं उसका प्रतियोगी बन जाते हैं, ऐसे में सवाल रहता है आखिर हम कैसे वक्त रहते उनकी पहचान करें और अपनी दोस्ती को बचाएं? आइए जानते हैं.
दोस्ती दुनिया का सबसे प्यारा रिश्ता

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दोस्ती एक ऐसा रिश्ता होता है जिसमें हम खुलकर अपनी खुशी और दुख अपने दोस्त के सामने बताते हैं. लेकिन जब इसी रिश्ते में मुकाबले की भावना आने लगती है, तो यह मानसिक तनाव बढ़ाने लगती है. ऐसे बदलाव को समय रहते समझना बहुत जरूरी होता है, वरना इनका परिणाम सिर्फ दुख और दर्द रह जाता है.
आपकी सफलता पर खुशी कम, तुलना ज्यादा दिखे

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अगर आपका दोस्त आपकी किसी उपलब्धि पर खुश होने के बजाय खुद की बड़ी उपलब्धि बताने लगे या आपकी सफलता को छोटा दिखाने लगे, तो यह संकेत हो सकता है कि वह आपसे प्रतिस्पर्धा करने लगा है और तुलना करने की आदत बढ़ गई है.
आपकी हर बात और स्टाइल की नकल करना

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जब दोस्त आपकी बोलचाल, पहनावे, शौक या करियर प्लान की नकल करने लगे, तो यह केवल पसंद नहीं बल्कि खुद को बेहतर साबित करने की कोशिश भी हो सकती है. यह व्यवहार धीरे-धीरे कॉम्पिटिशन को बढ़ाता है और दोस्ती खराब भी कर देता है.
मजाक के नाम पर आत्मविश्वास गिराना

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अगर आपका दोस्त बार-बार मजाक में आपकी कमियों को सामने लाता है या दूसरों के सामने आपको नीचा दिखाता है, तो यह आपके आत्मविश्वास को कमजोर करने की कोशिश हो सकती है, ताकि वह खुद को बेहतर महसूस कर सके.
जरूरी बाते छिपाना भी बड़ा संकेत

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किसी भी दोस्ती में खुलापन जरूरी होता है, लेकिन अगर आपका दोस्त आपसे करियर या मौके से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी छिपाने लगे, तो यह दिखाता है कि वह अब आपको सहयोगी नहीं बल्कि प्रतिस्पर्धी की नजर में देखने लगा है. इन तमाम स्थिति में आपको सावधान होने की जरूरत है और नीचे दिए गए बातों को समझना है, ताकि स्थिति पर काबू पाया जा सके.
स्थिति समझने के लिए खुद से सवाल जरूर करें

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खुद ही सारा कुछ सोच कर फैसले लेने से पहले खुद से पूछें कि क्या वाकई दोस्त का व्यवहार बदला है या यह आपकी अपनी असुरक्षा है. सही समझ बनाना जरूरी है ताकि आप गलतफहमी में रिश्ता खराब न करें.
बातचीत, सीमाएं और पॉजिटिव सोच से सुधारें रिश्ता

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अगर आपको समस्या महसूस हो रही है, तो खुलकर बात करें और अपनी सीमाएं तय करें. साथ ही, दोस्त की सफलता पर खुशी जताएं और सकारात्मक व्यवहार रखें, ताकि उसे लगे कि आप उसकी हर खुशी में साथ खड़े हैं. इससे रिश्ते में फिर से संतुलन और विश्वास लौट सकता है. कभी भी गुस्सा या मजाक के नाम पर ऐसा कुछ न कहे कि उसे बुरा लगे हो सकता है कि वह ऐसी भावना न रखता हो. (Image: Pexles)