कहां से आया गोलगप्पा? शेफ रणवीर बरार से जानिए पानी पूरी के अनसुने किस्से
Pani Puri History: भारत में गोलगप्पा बहुत ही चाव से खाया जाता है, लेकिन क्या आप गोलगप्पों के इतिहास के बारे में जानते हैं? यह फ्लेवर पहली बार किसने और कैसे ट्राई किया था, आइए विस्तार से जानते हैं.

Golgappa Origin: भारत में ऐसा कोई शहर नहीं होगा, जहां गोलगप्पे न बनाए और खाए जाते हों. हर गली कूचे में गोलगप्पे की दुकान मिल जाएगी, जिस पर बहुत ही भीड़ हमेशा मिलेगी. आप भी गोलगप्पे खाते बड़े चाव से हैं, लेकिन क्या इसकी हिस्ट्री के बारे में कुछ भी जानते हैं? तो यह लेख आपके लिए मददगार साबित हो सकता है. हम गोलगप्पे के इतिहास से जुड़े कुछ तथ्य आपके साथ साझा कर रहे हैं.
द्रौपदी की रसोई से जुड़ा है इतिहास
2 / 6पौराणिक कथा के अनुसार, पानी पूरी का आविष्कार द्रौपदी ने किया था. माता कुंती ने द्रौपदी को बची हुई सब्जियां और थोड़ा सा आटा देकर खाना बनाने के लिए कहा था. तब द्रौपदी ने गोलगप्पे बनाए थे. इसे भी पढ़ें- AC चलाने के ये 5 हैक्स जान लिए तो बिल्कुल नहीं लगेगी गर्मी, रात में आएगी चैन की नींद
गैस्ट्रोनॉमी पर शेफ रणवीर बरार ने बताया
3 / 6गोलगप्पे खाने की तकनीक काफी पुरानी है. मॉलिक्यूलर गैस्ट्रोनॉमी की प्रसिद्ध तकनीक स्फेरिकिफिकेशन में पानी को एक पतली झिल्ली के अंदर भरा जाता है और यह गोलगप्पे का रूप ही है.
हेल्थ से जुड़ा है कनेक्शन
4 / 6शेफ बरार का मानना है कि पानी पुरी सिर्फ एक स्ट्रीट फूड नहीं है, बल्कि यह हमारे आंतों की हेल्थ को भी प्रभावित करता है. इसमें इस्तेमाल होने होने वाले मसाले और चटनी पेट में मौजूद बैक्टीरिया को बाहर निकालने का काम करते हैं.
इंडियन चाट का हिस्सा
5 / 6गोलगप्पा हमेशा से ही भारतीय इतिहास का हिस्सा रहा है. इसे बड़े ही चाव से खाया जाता है. भारत में इसकी कई वैरायटीज मौजूद हैं, जिसे मीठा, खट्टा, चटनी और मसाले के साथ सर्व किया जाता है.
अलग-अलग नामों से जाना जाता है गोलगप्पा
6 / 6गोलगप्पे का नाम भारत में कई नामों से जाना जाता है. हरियाणा में इसे पानी पताशी, मध्य प्रदेश में फुल्की, उत्तर प्रदेश में पानी के बताशे. या पड़के, असम में फुस्का और बिहार फुचका के नाम से जाना जाता है. इसे भी पढ़ें- डोसा को इंग्लिश में क्या बोलते हैं? जीनियस भी नहीं जानते होंगे जवाब