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Cylinder Par Likha Number: खाना बनाने के लिए LPG गैस सिलेंडर का इस्तेमाल किया जाता है. यह सिलेंडर दिखने में लाल होता है और इसके ऊपर कई तरह के कोड लिखे होते हैं. इन नंबर पर बहुत कम लोगों का ध्यान जाता है और कुछ लोगों को इसका सही मतलब भी नहीं पता होता. बता दें, गैस सिलेंडर पर लिखे ये नंबर और अक्षर उसकी मैन्युफैक्चरिंग, टेस्टिंग और सेफ्टी से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी देते हैं. अगर आप इनका सही मतलब समझ लें तो सिलेंडर इस्तेमाल करते समय ज्यादा सतर्क रह सकते हैं. आइए जानते हैं गैस सिलेंडर पर लिखे नंबर से जुड़े 5 जरूरी फैक्ट्स.
गैस सिलेंडर पर लिखे नंबर का मतलब

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यह एक तरह का अल्फान्यूमेरिक नंबर है, जिसमें A, B, C और D के बाद एक नंबर आता है. इन अक्षरों का मतलब साल का क्वार्टर होता है. वहीं, इसके बाद लिखा नंबर उस साल को दर्शाता है, जब सिलेंडर की अगली टेस्टिंग होनी होती है, जैसे A-23 या B-25 आदि.
क्या होती है सिलेंडर की एक्सपायरी डेट?

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सिलेंडर की एक्सपायरी डेट होती है, जिसे टेस्टिंग डेट कहा जाता है. अगर आपके सिलेंडर पर D-26 लिखा है तो इसका मतलब है कि उस सिलेंडर की टेस्टिंग दिसंबर 2026 तक है. इसके बाद उसे दोबारा जांच के लिए भेजा जाता है और फिर इस्तेमाल के लिए लाया जाता है.
सिलेंडर का सीरियल नंबर क्या होता है?

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आपने गौर किया होगा कि सिलेंडर के बॉडी पर एक लंबा नंबर भी लिखा होता है. यही सीरियल नंबर होता है. कहा जाता है कि यह नंबर उस सिलेंडर की पहचान के लिए होता है और इसके जरिए इसकी पूरी जानकारी ट्रैक की जा सकती है.
सिलेंडर का वजन की जानकारी कहां मिलेगी?

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सिलेंडर को गौर से देखने पर आपको इस पर TW लिखा हुआ मिलेगा. इसका मतलब होता है Tare Weight यानी खाली सिलेंडर का वजन. जब इसमें गैस भरी जाती है तो उसका कुल वजन इससे ज्यादा हो जाता है. इससे यह जांचना आसान हो जाता है.
कंपनी और मैन्युफैक्चरिंग डिटेल

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सिलेंडर पर कंपनी और मैन्युफैक्चरिंग डिटेल भी होती है. इससे पता चलता है कि सिलेंडर किस कंपनी ने बनाया है और उसकी गुणवत्ता किस मानक के अनुसार है. वहीं, अगर सिलेंडर की टेस्टिंग अवधि खत्म हो चुकी है तो उसे इस्तेमाल करना सुरक्षित नहीं माना जाता है.