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Bache Ko English Kaise Sikhaye: आज के समय में इंग्लिश को सिर्फ भाषा ही नहीं बल्कि समाज में स्टेटस के तौर पर भी देखा जाता है. वहीं, किसी की समझदारी आंकने के लिए भी उसकी इंग्लिश पर पकड़ देखी जाती है. इंग्लिश ना ही समझदारी का पर्याय है और ना ही स्टेटस का होना चाहिए, लेकिन यह भाषा आज की जरूरत बन चुकी है. इसीलिए माता-पिता चाहते हैं कि छोटी उम्र से ही बच्चे इंग्लिश में फ्लुएंट हो जाएं और उन्हें बड़े होकर इंग्लिश सीखने के लिए स्ट्रगल ना करना पड़े. ऐसे में यहां जानिए किस तरह बच्चे को इंग्लिश सिखाई जा सकती है.
बेसिक व्याकरण सिखाएं

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इंग्लिश सीखने का पहला स्टेप है बच्चे को बेसिक व्याकरण सिखाना. वर्ब या सिनोनिम सिखाने के पीछे पड़े रहने के बजाय उसे टेन्सेस सिखाएं और उसके बाद बाकी व्याकरण. इससे बच्चा धीरे-धीरे इंग्लिश पर पकड़ बनाने लगता है क्योंकि उसे पास्ट, प्रजेंट और फ्यूचर टेंस बेहतर तरह से समझ आने लगते हैं.
इंग्लिश के गाने सुनाएं

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बच्चा जिन चीजों को पढ़कर नहीं सीख पाता उन्हें गाने की तरह सुनकर सीख जाता है. ऐसे में उसे इंग्लिश सिखाने के लिए सिर्फ व्याकरण को लेकर ना बैठे रहें बल्कि उसे इंग्लिश गाने सुनाएं और एंजॉय करते हुए गाने गुनगुनाने दें. इससे बच्चों को इंग्लिशन बोलना भी आने लगता है.
इंग्लिश शोज दिखाना है फायदेमंद

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बच्चे को डे टू डे लाइफ में इंग्लिश बोलना सिखाना है तो उसे इंग्लिश शोज दिखाएं. खासतौर से सिटकोम दिखाएं और सब्टाइटल ऑन रखें. इससे बच्चे की बेसिक इंग्लिश की समझ बेहतर होने लगती है.
कहानियों की किताबें आएंगी काम

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बच्चे को सिर्फ स्कूली किताबों तक ही सीमित ना रखें बल्कि उसे इंग्लिश की कहानियों की किताबें लाकर दें. इससे बच्चा इंग्लिश पढ़ना और बोलना सीखता है.
इंग्लिश से जुड़े गेम्स

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बच्चे को ऐसे गेम्स खिलवाएं या बोर्ड गेम्स लाकर दें जिनसे उनकी इंग्लिश पर पकड़ बेहतर बने. बच्चों को इंग्लिश के ज्यादा से ज्यादा वर्ड्स आएं इसके लिए उसे स्क्रैबल्स, शेराड्स और मेमोरी कार्ड वाले गेम्स खिलवाएं.
बच्चे को डायरी लिखने के लिए कहें

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बच्चे से रोजाना डायरी लिखने के लिए कहें. उसे कहें कि वह रोजाना कुछ-कुछ अपनी डायरी में लिखे. इससे बच्चे में लिखने की आदत आती है और बच्चा खुद को इंग्लिश में एक्सप्रेस करना सीखने लगता है.