देशभर में मिलावटी खानपान की चीजों ने लोगों की सेहत पर बड़ा खतरा पैदा कर दिया है. लोग थोड़ा पैसा कमाने के चक्कर में मार्केट में नकली पनीर, दूध आदि उतार रहे हैं, जिसे खाकर पेट से जुड़ी समस्या आदि कई तरह की परेशानी का खतरा तेजी से बढ़ रहा है. इसी कड़ी में हम आपको मिलावटी दूध से पहचान का तरीका बताएंगे.
महाराष्ट्र में FDA का बड़ा खुलासा

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हाल ही में महाराष्ट्र में सिंथेटिक दूध तैयार करने और बेचने वाले एक बड़े गिरोह का 'फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन' (FDA) ने खुलासा किया है. शुरुआती जांच में सामने आया कि पिछले 6 महीनों में खराब क्वालिटी के मिल्क पाउडर से करीब 23 लाख लीटर सिंथेटिक दूध तैयार किया गया. हर 10 लीटर शुद्ध दूध में करीब 1 लीटर मिलावटी दूध मिलाकर बाजार में बेचा जा रहा था. आशंका है कि 2 करोड़ लीटर से ज्यादा मिलावटी दूध बाजार में सप्लाई किया जा चुका है.
सिंथेटिक दूध में क्या मिलाया जाता है?

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जानकारी के अनुसार, सिंथेटिक दूध तैयार करने के लिए डिटर्जेंट, खराब क्वालिटी वाला मिल्क पाउडर, पाम ऑयल और अन्य मिलावटी चीजों का इस्तेमाल किया जा सकता है. ऐसे तत्व शरीर के लिए बहुत नुकसानदायक हो सकते हैं और लंबे समय तक इनके सेवन से कई अंगों पर बुरा असर पड़ने का भी खतरा बना रहता है.
घर पर कैसे करें असली और नकली दूध की पहचान

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सबसे पहले दूध को छूकर देखें: असली दूध सामान्य रूप से कम चिपचिपा महसूस होता है, जबकि सिंथेटिक दूध ज्यादा चिकना या फिसलन भरा लग सकता है.
सूंघकर भी जांच करें: शुद्ध दूध में हल्की नेचुरल खुशबू होती है, जबकि नकली दूध से डिटर्जेंट या साबुन जैसी गंध आ सकती है.
स्वाद में भी होता है अलग: असली दूध का स्वाद हल्का और नेचुरल होता है, जबकि सिंथेटिक दूध में जरूरत से ज्यादा मिठास या कड़वाहट महसूस हो सकती है.
इन आसान घरेलू टेस्ट से भी लगा सकते हैं असली-नकली का पता

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रंग देखें: शुद्ध दूध का रंग नेचुरल सफेद होता है, जबकि मिलावटी दूध में हल्का पीला रंग दिखाई दे सकता है.
एक बूंद गिराकर जांचें: जांच करने के लिए आप सतह पर दूध की एक बूंद डालें. असली दूध धीरे-धीरे नीचे की ओर बढ़ते हुए सफेद निशान छोड़ सकता है, जबकि सिंथेटिक दूध तेजी से बह सकता है और निशान नहीं छोड़ता.
हिलाने पर झाग: शुद्ध दूध में हल्का झाग बनता है जो जल्दी खत्म हो जाता है, जबकि नकली दूध में झाग ज्यादा और देर तक बना रह सकता है.
उबालने पर देखें: इसके अलावा दूध को उबाल लें, अगर उसमें नेचुरल स्मेल आ रही है, तो वह ठीक है. लेकिन अगर किसी तरह की असामान्य झाग या अलग स्मेल आ रही है, तो सावधान हो जाए.
सिंथेटिक दूध पीने से क्या होगा?

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सिंथेटिक दूध पीने से सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है. जैसे पेट दर्द, गैस, उल्टी, दस्त, मतली, गले या पेट में जलन और फूड पॉइजनिंग जैसी परेशानियां हो सकती हैं. वहीं, कई मामलों में लंबे समय तक भी परेशानी बन सकती है, जैसे- पोषण की कमी, पाचन तंत्र पर असर, लिवर और किडनी से जुड़ी समस्याओं का खतरा. लंबे समय तक मिलावटी दूध का सेवन सेहत पर गंभीर असर डाल सकता है.
इन लोगों को सबसे ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत

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सिंथेटिक दूध का असर हर व्यक्ति पर अलग हो सकता है, लेकिन छोटे बच्चों, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं, बुजुर्गों, कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों, लिवर, किडनी या पाचन संबंधी बीमारी से जूझ रहे मरीजों को इससे खास सावधानी बरतनी चाहिए. ऐसे लोगों के लिए शुद्ध और भरोसेमंद दूध कंपनी का सेवन करना ज्यादा सुरक्षित है.