मेडिकल साइंस कहता है कि अगर कोई इंसान खाना छोड़ दे और सिर्फ पानी पीता रहे तो वह 1 महीने तक जिंदा रह सकता है. लेकिन ये समय घट-बढ़ भी सकता है यानी हर इंसान के लिए अलग-अलग हो सकता है.
शरीर में होने वाले बदलाव

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बिना खाए पहले 24 घंटे में इंसानी शरीर में कई बदलाव दिखने लगते हैं. जब इंसान भोजन नहीं करता है तो शरीर पहले से मौजूद ग्लूकोज का इस्तमाल करने लगता है.
तेज भूख और कमजोरी

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जब ग्लूकोज की मात्रा कम हो जाती है तो शरीर लिवर और मांसपेशियों में जमा ग्लाइकोजन से ऊर्जा लेना शुरू कर देता है. इस दौरान तेज भूख और कमजोरी महसूस होने लगती है, जिससे चिड़चिड़ापन बढ़ने की संभावना पूरी तरह बढ़ जाती है.
3 दिन बाद क्यो होता है?

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3 दिन बाद जब ग्लाइकोजन की मात्रा भी कम कम पड़ने लगती है तो शरीर फैट से मदद लेना शुरू कर देता है. इस प्रक्रिया में बॉडी ऊर्जा के लिए फैट को तोड़ने लगता है, जिससे कीटोन बनने लगते हैं. इसकी मदद से मस्तिष्क समेत कई अंगों को ऊर्जा मिलने लगता है.
7 दिन बाद क्या होता है?

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7 दिन बाद शरीर अब ऊर्जा बचाने की कोशिश में लग जाता है. मेटाबॉलिज्म की गति कमजोर पड़ने लगती है और वजन भी तेजी से घटने लगता है.
ध्यान केंद्रीत करने में परेशानी

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कमजोरी तेजी से बढ़ सकती है और कई लोगों को चक्कर भी आ सकते हैं. फिर थकान और ध्यान केंद्रीत करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.
कई दिनों के बाद

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इस तरह जब शरीर को लगातार कई दिनों तक जब भोजन नहीं मिलता है तो फैट का भंडार भी कम पड़ने लगता है. इस दौरन शरीर ऊर्जा के लिए मांसपेशियां तोड़ने लगता है. रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी भी बहुत ज्यादा कमजोर हो जाती है.
लंबे समय तक खाना नहीं मिलने क्या होगा?

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इस तरह जब लंबे टाइम तक शरीर को भोजन नहीं मिल पाता है तो हृदय, किडनी, लिवर समेत कई महत्वपूर्ण अंगों की क्षमता कमजोर हो सकती है. इससे शरीर में इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन, गंभीर कुपोषण और संक्रमण का खतरा तेजी से बढ़ सकता है.