Why Hotel Corner Room Is Better: होटल बुक करते वक्त यकीनन आपका ध्यान गया होता कि कॉर्नर वाले रूट हमेशा बुक रहते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि कई लोग होटल बुक करते वक्त कॉर्नर रूम की डिमांड ज्यादा करते हैं. आपको भी कभी-कभी फ्रंट डेस्क पर लोगों को कॉर्नर रूम की बुकिंग को लेकर पूछते देखा होगा, लेकिन ऐसा क्यों है? दरअसल, कॉर्नर रूम सिर्फ पोजीशन की वजह से नहीं बल्कि कई सुविधाओं की वजह से बेहतर माने जाते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं होटल के कॉर्नर वाले कमरे क्यों खास होते हैं और इससे जुड़े 5 रोचक फैक्ट्स.

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कई होटल में कॉर्नर रूम को दूसरे कमरों से थोड़ा बड़ा बनाया जाता है. इनका लेआउट भी अलग होता है, जिसमें बैठने की जगह, बड़ा बाथरूम या काम करने के लिए अलग कॉर्नर मिल सकता है.

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कॉर्नर रूम दो तरफ से खुलते हैं, इसलिए यहां से शहर, गार्डन या नजारा ज्यादा देखने को मिलता है. खासकर हिल स्टेशन या बीच लोकेशन पर यह ज्यादा अच्छा लगता है. इसलिए ज्यादातर लोग इस रूम को बुक करते हैं.

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बीच के कमरों की तुलना में कॉर्नर रूम में कम दीवारें साझा होती हैं, जिससे पड़ोसी कमरों की आवाज कम सुनाई देती है. यही वजह है कि बिजनेस ट्रैवलर या काम के लिए ठहरने वाले लोग अक्सर कॉर्नर रूम पसंद करते हैं.

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कॉर्नर रूम में दो तरफ खुलने की वजह से एयर फ्लो अच्छा रहता है. खिड़कियां खुलने पर ताजी हवा आसानी से आती है और कमरे में बंद-बंद सा महसूस नहीं होता है. तो अगली बार जब आप होटल में स्टे करें, तो कॉर्नर रूम के बारे में जरूर पूछें.

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कॉर्नर रूम आमतौर पर फ्लोर के आखिर में होते हैं, जिससे उनके आसपास लोगों का आना-जाना कम होता है. इसका मतलब है कि आपको कम शोर, कम डिस्टर्बेंस और ज्यादा प्राइवेसी मिलती है.