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वियतनाम के फोंग न्हा-के बैंग नेशनल पार्क की गहराई में स्थित सोन डूंग गुफा को दुनिया की सबसे बड़ी गुफा माना जाता है. यह गुफा इतनी विशाल है कि इसके अंदर गीजा के 15 बड़े पिरामिड और एक बोइंग 747 विमान भी आराम से समा सकता है.
कैसे हुई इसकी अनोखी खोज?

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साल 1991 में एक स्थानीय निवासी हो खान ने जंगल में भटकते हुए गलती से इस गुफा के विशाल द्वार को पहली बार खोजा था. उस वक्त गुफा से निकलती तेज ठंडी हवा और घने कोहरे को देखकर वे डर गए थे और अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए थे.
क्या इसके अंदर बादल भी हैं?

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सोन डूंग गुफा की सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इसका अपना अलग मौसम और अनोखी जलवायु प्रणाली काम करती है. गुफा के अंदर तापमान और नमी के कारण खुद ब खुद बादल और घना कोहरा बनता है जो इसे दूसरी दुनिया जैसा बनाता है.
गुफा में जंगल कैसे उगा?

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गुफा की छत में मौजूद बड़े छेदों से सूरज की रोशनी सीधे अंदर आती है जिससे पाताल में भी एक घना और प्राचीन जंगल उग आया है. इस वन को 'स्वर्ग का बगीचा' कहा जाता है जहां ऐसी प्रजातियां रहती हैं जो बाहरी दुनिया में कहीं और नहीं मिलती हैं.
क्या है वियतनाम की दीवार?

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गुफा के अंत में करीब 90 मीटर ऊंची एक सीधी और विशाल चट्टान खड़ी है जिसे दुनिया 'वियतनाम की महान दीवार' के नाम से जानती है. इसके अलावा यहां 70 मीटर ऊंचे पत्थर के खंभे और एक बहुत बड़ी भूमिगत नदी भी बहती है जो सबका होश उड़ा देती है.
क्यों है यहां जाना मुश्किल?

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लाखों सालों तक बाहरी दुनिया से कटी रहने के कारण इस गुफा का पारिस्थितिकी तंत्र आज भी पूरी तरह से सुरक्षित और अछूता बचा हुआ है. यहां के नाजुक पर्यावरण को बचाने के लिए हर साल केवल 1000 चुनिंदा पर्यटकों को ही कड़ी शर्तों के साथ अंदर जाने की अनुमति दी जाती है.