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आपने अक्सर सुना होगा कि पहचान और विदेश यात्रा करने के लिए पासपोर्ट की जरूरत होती है. लेकिन क्या आप जानते हैं एक राजा ऐसा भी है, जिसके मरने के 3000 साल बाद उसका पासपोर्ट बना और उसने एक देश की यात्रा की. आइए जानते हैं इस राजा के बारे में.
पासपोर्ट सबसे जरूरी

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पासपोर्ट कोई आम किताब नहीं है, बल्कि खुद की पहचान और विदेश की यात्रा करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण डोक्यूमेंट है. लेकिन आमतौर पर यह जिंदा लोगों का ही बनता है. क्योंकि यह एक व्यक्तिगत पहचान और यात्रा दस्तावेज है जिसके लिए पुलिस वेरिफिकेशन और आवेदक की व्यक्तिगत उपस्थिति (Physical Presence) अनिवार्य होती है.
3000 साल पहले मरे शख्स का बना पासपोर्ट

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आपको जानकर हैरानी होगी कि सालों पहले 3000 साल पहले मरे एक शख्स का पासपोर्ट बनाया गया और उसे दूसरे देश की यात्रा तक कराई गई, वो भी कानून के नजर में! आपके मन में सवाल आ रहा होगा आखिर कैसे?
किसका बना मरने के हजारों सालों बाद पासपोर्ट

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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, साल 1976 को 26 सितंबर के दिन मिस्र के फिरौन रोमेसेस द्वितीय की ममी को पेरिस लाया गया, जिसके लिए उसका पासपोर्ट बनाया गया. आपको जानकर हैरानी होगी कि उस पासपोर्ट में ममी का नाम और फोटो दोनों थी और पूरा पासपोर्ट वैध था.
क्यों बनाना पड़ा पासपोर्ट?

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रिपोर्ट बताते हैं कि रोमेसेस द्वितीय की ममी की खोज साल 1881 में हुई थी, लेकिन वक्त के साथ ममी की हालत फंगल इंफेक्शन के कारण बिगड़ने लगी, जिसे सुरक्षित रखना बेहद जरूरी था. इसी कारण उसे हवाई जहाज से फ्रांस लाया गया.
मरने के बाद क्यों बनाया गया पासपोर्ट?

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जब ममी को फ्रांस ले जाने की बात हुई तो, कई कानूनी अड़चने सामने आने लगी. इसलिए फैसला लिया गया कि रामेसेस द्वितीय का मिस्र का वैध पासपोर्ट बनाया जाएगा. पासपोर्ट बनने के बाद ही ममी ने फ्रांस की यात्रा की. (Image: Pexels/Social Media)