क्या न्यूक्लियर बम की भी होती है एक्सपायरी डेट? कितने साल तक रहते हैं 'जिंदा'
Atom bomb expiry date: क्या आपने कभी सोचा है कि दुनिया को दहला देने वाले न्यूक्लियर बम क्या हमेशा के लिए काम करते रहते हैं? या फिर ब्रेड और दवाइयों की तरह इनकी भी कोई एक्सपायरी डेट होती है? जानिए यूरेनियम और प्लूटोनियम की हाफ-लाइफ का वो चौंकाने वाला विज्ञान, जो इन घातक हथियारों को लाखों सालों तक सक्रिय रखता है.

यूरेनियम और प्लूटोनियम का गणित
2 / 5बम के अंदर मौजूद प्लूटोनियम-239 की 'हाफ लाइफ' करीब 24,100 साल होती है. यानी इसे अपनी आधी ताकत खोने में भी हजारों साल लग जाते हैं. यूरेनियम-235 तो और भी ज्यादा जिद्दी है! वैज्ञानिकों के मुताबिक इसे अपनी आधी शक्ति खोने में लाखों साल लग सकते हैं. यही वजह है कि ये हथियार सदियों तक एक्टिव रहते हैं. Photo Credit : AI image
कैसे होता है महाविस्फोट?
3 / 5न्यूक्लियर बम की तबाही न्यूक्लियर फिशन तकनीक पर आधारित है. जब बम के भीतर मौजूद यूरेनियम या प्लूटोनियम के अणुओं पर न्यूट्रॉन की बौछार की जाती है, तो वे टूट जाते हैं. इससे एक 'चेन रिएक्शन' शुरू होती है, जिससे पलक झपकते ही इतनी ऊर्जा निकलती है जो पूरे शहर को राख कर सकती है. Photo Credit : AI image
अपने आप नहीं फटता बम
4 / 5भले ही इसके अंदर का मसाला लाखों साल तक सक्रिय रहे, लेकिन परमाणु बम खुद-ब-खुद नहीं फटता. इसे फटने के लिए एक जटिल इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम, ट्रिगर और डेटोनेटर की जरूरत होती है. हालांकि, बम के अंदर लगे अन्य पुर्जे समय के साथ पुराने हो सकते हैं, जिन्हें मेंटेनेंस की जरूरत पड़ती है. Photo Credit : AI image
क्या एक्सपायर बम सुरक्षित है?
5 / 5नहीं! भले ही बम धमाका न कर पाए, लेकिन उसके अंदर का रेडियोएक्टिव कचरा सालों तक घातक रेडिएशन फैला सकता है, जो पर्यावरण और इंसानों के लिए जानलेवा है. Photo Credit : AI image
.png)