किस देश का वीजा है भारतीयों के लिए सबसे महंगा? लिस्ट में नहीं अमेरिका-ब्रिटेन तो जानें किसका नाम

जब भी हम दुनिया की सबसे महंगी विदेश यात्रा या फिर सबसे महंगे वीजा की बात करते हैं तो आमतौर पर हमारे दिमाग में सबसे पहले अमेरिका, ब्रिटेन जैसे बड़े देशों के नाम ही आते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस मामले में एक छोटा सा पहाड़ी देश है जिसने इन सभी देशों को पीछे छोड़ दिया है. जी हां, हम बात कर रहे हैं भूटान की. भूटान की विदेश यात्रा और वहां का वीजा सिस्टम महंगा और दूसरे देशों से बेहद अलग है. तो चलिए आज हम आपको भूटान के वीजा सिस्टम और वहां के खर्च के बारे में बताते हैं.

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विदेश घूमने की जगहों में टॉप पर भूटान

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यूं तो हर किसी को विदेश घूमने का शौक होता है और भूटान लोगों की विशलिस्ट में भी शामिल होता है. लेकिन यहां जाने का सपना किसी भी अन्य देश के मुकाबले ज्यादा महंगा है. भूटान का वीजा सिर्फ एक सामान्य प्रवेश अनुमति नहीं है, बल्कि यह उनके देश को आर्थिक मजबूती देने का भी एक बड़ा जरिया है.

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दुनिया का सबसे महंगा वीजा

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भूटान के वीजा की कीमत इतनी ज्यादा है कि यह विकसित देशों के वीजा खर्च को भी आसानी से मात दे सकता है. यही कारण है कि दुनिया के सबसे महंगे वीजा सिस्टम में भूटान का नाम सबसे ऊपर आता है.

क्या है सस्टेनेबल डेवलपमेंट फीस?

क्या है सस्टेनेबल डेवलपमेंट फीस?4 / 9

भूटान के इस बेहद महंगे वीजा सिस्टम के पीछे असल वजह वहां लगने वाली 'सस्टेनेबल डेवलपमेंट फीस' यानी एसडीएफ (SDF) है. भूटान सरकार वहां आने वाले हर विदेशी नागरिक से प्रति व्यक्ति, प्रति रात के हिसाब से 100 डॉलर (लगभग 8,300 रुपये) की फीस वसूलती है.

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पहले 200 डॉलर था प्रति रात चार्ज

पहले 200 डॉलर था प्रति रात चार्ज5 / 9

साल 2023 से पहले यह रकम 200 डॉलर प्रति रात थी, जिसे बाद में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए आधा कर दिया गया. इसके बावजूद हर दिन के हिसाब से चार्ज होने के कारण यह दुनिया में सबसे ज्यादा महंगा है.

'हाई वैल्यू, लो वॉल्यूम टूरिज्म'

'हाई वैल्यू, लो वॉल्यूम टूरिज्म' 6 / 9

भूटान पर्यटन के मामले में एक खास सिद्धांत पर काम करता है, जिसे 'हाई वैल्यू, लो वॉल्यूम टूरिज्म' कहा जाता है. इसका सीधा सा मतलब है कि भूटान अपने देश में पर्यटकों की बेकाबू भीड़ इकट्ठा नहीं करना चाहता, बल्कि वह कम लेकिन जिम्मेदार यात्रियों का स्वागत करता है.

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घूमने आए लोग भूटान की संस्कृति का करें सम्मान

घूमने आए लोग भूटान की संस्कृति का करें सम्मान7 / 9

इस नीति का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जो भी लोग यहां आएं, वे भूटान की समृद्ध संस्कृति, अनूठी परंपराओं और वहां की प्राचीन प्रकृति का पूरा सम्मान करें और पर्यावरण को कोई नुकसान न पहुंचाएं.

विदेशी पर्यटकों को चुकानी पड़ती है 700 डॉलर फीस

विदेशी पर्यटकों को चुकानी पड़ती है 700 डॉलर फीस8 / 9

अगर कोई विदेशी पर्यटक महज सात दिनों के लिए भूटान घूमने की योजना बनाता है, तो उसे केवल सस्टेनेबल डेवलपमेंट फीस (SDF) के तौर पर ही 700 डॉलर यानी करीब 58,000 रुपये से अधिक की रकम चुकानी पड़ जाएगी.

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भारतीयों के लिए अलग हैं वीजा नियम

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भूटान सरकार ने अपने पड़ोसी देशों के लिए इस कड़े नियम में थोड़ी ढील जरूर दी है. भारत, बांग्लादेश और मालदीव के नागरिकों के लिए वीजा के नियम पूरी तरह अलग हैं. भारतीय यात्रियों को भूटान में प्रवेश करने के लिए किसी पारंपरिक वीजा की जरूरत नहीं होती है, लेकिन उन्हें भी नाममात्र के तौर पर 1,200 रुपये प्रति व्यक्ति प्रति दिन (लगभग 15 डॉलर) की दर से सस्टेनेबल डेवलपमेंट फीस चुकानी पड़ती है.

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लेखक के बारे में

Versha Singh

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वर्षा स‍िंह News 24 ड‍िजिटल में बतौर सीन‍ियर सब एड‍िटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्षा को ड‍िजिटल मीड‍िया में 6 साल से अधि‍क का अनुभव है. राष्‍ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसमाय‍िक व‍िषयों पर वर्षा की अच्‍छी पकड़ है. इसके अलावा राजनीत‍िक, क्राइम और ट्रेंडिंग खबरें भी ल‍िखती हैं. वर्षा ने मास्टर इन न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी की पढ़ाई माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से की है और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की है. वर्षा अपने करियर में Jagran New Media, Asia News International (ANI) और ETV Bharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं. उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेखन और समसामयिक घटनाओं, राजनीति, हाइपरलोकल खबरों और मानवीय रुचि से जुड़ी कहानियों को डिजिटल दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अनुभव है.
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