Unlucky Zodiac Signs: वैदिक ज्योतिष के अनुसार, षडाष्टक योग को अशुभ, विनाशकारी और तनावपूर्ण माना जाता है. दो ग्रहों के एक-दूसरे से छठे और आठवें भाव में होने से इस योग का निर्माण होता है.
सूर्य-राहु षडाष्टक योग

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सूर्य ग्रह के गोचर करने के बाद कर्क राशि में मौजूद सूर्य कुंभ राशि में विराजमान राहु के बीच षडाष्टक योग बन रहा है. यह षडाष्टक योग वृषभ, मिथुन, तुला और कुंभ राशि की मुश्किलें बढ़ाएगा. इन राशियों के बारे में और उपायों के बारे में जानते हैं.
वृषभ राशि

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सूर्य और राहु ग्रह के बीच बन रहा षडाष्टक योग वृषभ राशि के लिए मुश्किल भरा रहेगा. इन राशियों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. आपको अपनी वाणी पर संयम रखना होगा. वरना आपके काम बिगड़ सकते हैं. पैसों के मामले में सावधान रहें. कहीं भी निवेश करने से पहले सोच-विचार लें.
मिथुन राशि

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षडाष्टक योग का प्रभाव मिथुन राशि की सेहत के लिए अशुभ रहेगा. इन्हें सेहत के मामले में सावधान रहना होगा. पेट से जुड़ी समस्या हो सकती है. किसी खर्च के कारण आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है. आपका बजट बिगड़ने से मुश्किलें बढ़ेंगी.
तुला राशि

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तुला राशि के नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर तनाव का सामना करना पड़ सकता है. आपको काम के कारण परेशआन होना पड़ सकता है. काम को मैनेज करके चलने की जरूरत है. कार्यस्थल पर किसी से विवाद से बचना होगा.
कुंभ राशि

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कुंभ राशि वालों के लिए इस षडाष्टक योग का अशुभ प्रभाव देखने को मिल सकता है. आपका अशांत रहेगा. इन लोगों को किसी से विवाद करने और झगड़ा करने से बचें. वरना आपके काम बिगड़ सकते हैं. सूर्य के अगले गोचर तक यानी 17 अगस्त तक इन 4 राशियों को सावधान रहना होगा.
षडाष्टक योग के प्रभाव से बचने के उपाय

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इन राशियों को षडाष्टक योग के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए तांबे के लोटे से शिवलिंग पर जल अर्पित करना चाहिए. इसके साथ ही ओम नम: शिवाय मंत्र का जाप करना चाहिए. आप उगते सूर्य को जल से अर्घ्य अवश्य दें. काले तिल, उड़द की दाल और अन्य अनाज का जरूरतमंद को दान करें. (All Photo Credit- Social Media) डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.