
1 / 6
Vyatipat Yog: सूर्य-चंद्र व्यतिपात योग एक अशुभ योग है, जो 31 मार्च 2026 सुबह 07:26 बजे से बन रहा है और मानसिक तनाव, चुनौतियाँ व नकारात्मक ऊर्जा बढ़ा सकता है। यह समय सभी राशियों पर असर करेगा, लेकिन 3 राशि के जातकों के लिए विशेष रूप से कठिन और चुनौतीपूर्ण रहेगा।
व्यतिपात योग क्या है

2 / 6
Vyatipat Yog: ज्योतिष में सूर्य-चंद्र व्यतिपात योग एक अशुभ योग माना जाता है. यह तब बनता है जब सूर्य और चंद्रमा आपस में 180 डिग्री की विपरीत स्थिति में होते हैं. इस दौरान मानसिक तनाव, चुनौतियां और नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है. इसलिए इस दौरान नए काम, विवाह या बड़े निवेश करने से बचना चाहिए.
व्यतिपात योग का असर

3 / 6
द्रिक पंचांग के अनुसार, व्यतिपात योग का निर्माण 31 मार्च 2026 सुबह 07:26 बजे से होगा. ज्योतिषाचार्य हर्षवर्द्धन शांडिल्य बताते हैं कि इस समय का असर सभी राशियों पर दिख सकता है, लेकिन 3 राशियों के जातकों के लिए यह समय विशेष रूप से कठिन और चुनौतीपूर्ण हो सकता है.
मिथुन राशि (Gemini)

4 / 6
मिथुन राशि के जातकों के लिए यह समय तनाव और अस्थिरता लेकर आएगा. मानसिक चिंताएँ बढ़ेंगी और निर्णय लेने में कठिनाई आएगी. नए कार्य या निवेश में जोखिम अधिक रहेगा. पारिवारिक मामलों में मतभेद हो सकते हैं. स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर दिख सकता है. इस दौरान सोच-समझ कर ही कदम उठाना लाभकारी रहेगा. इस समय महत्वपूर्ण दस्तावेज़ या करार पर ध्यान से ही हस्ताक्षर करें. अचानक खर्चों से बचें. मानसिक शांति के लिए ध्यान और योग का अभ्यास करें.
सिंह राशि (Leo)

5 / 6
सिंह राशि के लिए व्यतिपात योग विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण होगा. करियर और वित्तीय मामले अचानक जटिल हो सकते हैं. ऑफिस में तनाव और दबाव बढ़ सकता है. संबंधों में कटुता और गलतफहमी की स्थिति बन सकती है. यात्रा या महत्वपूर्ण योजनाओं में देरी हो सकती है. संयम और धैर्य ही इस समय की सबसे बड़ी ताकत होगी. समस्याओं को शांतिपूर्वक हल करें और जल्दबाजी से बचें. पुराने मित्रों या सहयोगियों से सलाह लें. घर में ऊर्जा संतुलन बनाए रखने के लिए हल्की पूजा करें.
धनु राशि (Sagittarius)

6 / 6
धनु राशि के जातकों को भी इस योग में भाग्य का कठोर प्रभाव महसूस होगा. मेहनत के बावजूद परिणाम अपेक्षित अनुसार नहीं मिल सकते. सामाजिक या पेशेवर दबाव बढ़ सकता है. साझेदारी में असहमति और विवाद की स्थिति बन सकती है. स्वास्थ्य पर भी ध्यान देने की जरूरत है. इस समय छोटे निर्णय सोच-समझ कर ही लेने चाहिए. सकारात्मक सोच बनाए रखें और महत्वपूर्ण निवेश टालें. यात्रा या नए प्रोजेक्ट में अनावश्यक जोखिम न लें. परिवार के बुजुर्गों का आशीर्वाद लेकर निर्णय करें.