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Lucky Gemstones: क्या आपका करियर या कारोबार धीमा चल रहा है? जानें कैसे सही रत्न पहनने से बुध, बृहस्पति और शनि ग्रहों की ऊर्जा सक्रिय होकर सफलता और अवसर ला सकती है. यहां ये 5 रत्न आपके व्यवसाय और निर्णय क्षमता को नई दिशा दे सकते हैं.
तरक्की दिलाने वाले रत्न

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Lucky Gemstones: यदि व्यापार और करियर में कुछ बाधाएं हैं और तेजी से तरक्की नहीं हो पा रही है, तो सही उन्नति पाने के लिए सही रत्न पहनना बेहद महत्वपूर्ण माना गया है. ज्योतिष शास्त्र में कहा गया है कि रत्नों की शक्ति न केवल आत्मविश्वास बढ़ाती है बल्कि सोचने-समझने की क्षमता और अवसरों को भी बढ़ाती है. बुध, बृहस्पति और शनि ग्रह से जुड़े रत्न विशेष रूप से व्यापारिक लाभ में सहायक माने जाते हैं. आइए जानते हैं, उन 5 रत्नों के बारें में जिसे धारण करने से करियर-कारोबार में तगड़ी सफलता मिलती है.
पन्ना - बुध ग्रह की ऊर्जा

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पन्ना, जिसे एमराल्ड भी कहते हैं, बुध ग्रह का प्रभावी रत्न है. यह रत्न न केवल बुद्धिमानी और तेज सोच लाता है बल्कि बातचीत और निर्णय क्षमता को भी मजबूत करता है. व्यापारिक मीटिंग्स में इस रत्न का प्रभाव अत्यधिक लाभकारी होता है क्योंकि यह आत्मविश्वास और तार्किक सोच को बढ़ाता है. कैसे पहनें: पन्ना पहनने के लिए सबसे उत्तम समय शुक्ल पक्ष के बुधवार की सुबह है. इसे छोटी उंगली में सोने या चांदी में पहनना चाहिए. पहनने से पहले इसे गंगाजल, गाय के दूध और शहद से शुद्ध किया जाता है और 'ॐ बुं बुधाय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करने से इसकी शक्ति सक्रिय होती है.
पुखराज - बृहस्पति का आशीर्वाद

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पुखराज, जिसे येलो सैफायर कहा जाता है, बृहस्पति ग्रह से जुड़ा रत्न है. यह रत्न धन, समृद्धि और नए अवसरों का प्रतीक माना जाता है. व्यवसाय में आर्थिक स्थिरता लाना और बड़े सौदों को सफल बनाना पुखराज पहनने से संभव हो पाता है. इसके साथ ही यह रत्न ज्ञान, अनुभव और नेतृत्व क्षमता को भी बढ़ाता है. कैसे पहनें: पुखराज पहनने के लिए गुरुवार की सुबह 5 से 7 बजे का समय सबसे शुभ माना गया है. इसे दाहिने हाथ की तर्जनी में सोना या पंचधातु में धारण करना उत्तम रहता है. गंगाजल और शहद से शुद्ध करके 'ॐ बृं बृहस्पतये नमः' मंत्र का जाप करने से इसका प्रभाव और अधिक बढ़ जाता है.
नीलम - शनि की शक्ति

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नीलम शनि ग्रह का प्रभावी रत्न है, जो व्यापार में स्थिरता और अप्रत्याशित लाभ लाने में मदद करता है. यह रत्न अनुशासन, संयम और लंबे समय के निवेश में सफलता दिलाने वाला माना जाता है. नीलम पहनने से न केवल व्यापारिक प्रतिष्ठा मजबूत होती है बल्कि आत्मविश्वास और कर्मठता में भी वृद्धि होती है. कैसे पहनें: इसे शनिवार की सुबह सूर्योदय के बाद मध्यमा उंगली में चांदी या पंचधातु में पहनना चाहिए. पहनते समय 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का जाप करना आवश्यक है, जिससे इसकी सकारात्मक ऊर्जा अधिक प्रभावी होती है.
पाइराइट - धन और अवसर

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पाइराइट को मनी स्टोन कहा जाता है और इसे धन और नए व्यापारिक अवसर आकर्षित करने वाला रत्न माना जाता है. यह रत्न व्यवसाय में तेजी और नई संभावनाओं को जन्म देता है. पाइराइट पहनने से आत्मविश्वास बढ़ता है और जोखिम लेने की क्षमता मजबूत होती है. कैसे पहनें: इसे दाहिने हाथ में ब्रेसलेट के रूप में पहनना सबसे उपयुक्त होता है. शुद्धिकरण के लिए इसे गंगाजल से साफ करना चाहिए और पहनने से पहले इसे अपने इष्ट देव को समर्पित करना लाभकारी रहता है.
हरा एवेंट्यूरिन - अवसर और सौभाग्य

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हरा एवेंट्यूरिन अवसर और सौभाग्य लाने वाला रत्न है. यह सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाता है, व्यापार में नए अवसर खोलता है और निर्णय लेने में मदद करता है. हरा एवेंट्यूरिन पहनने से तनाव कम होता है और व्यापारिक माहौल में सामंजस्य बढ़ता है. कैसे पहनें: इसे गुरुवार की सुबह सीधे कलाई में ब्रेसलेट के रूप में पहनना चाहिए. रोज़ सुबह इसे पहनते समय शुभ मंत्र का जाप करना इसके प्रभाव को और मजबूत करता है.
रत्न धारण में सावधानी

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रत्न पहनने से पहले किसी अनुभवी ज्योतिषी से कुंडली मिलान करना बहुत जरूरी है. पन्ना और पुखराज हमेशा एक साथ पहनने से पहले सावधानी बरतें, क्योंकि ये हमेशा अनुकूल नहीं होते. प्रत्येक रत्न को शुद्धिकरण और मंत्र जाप के साथ सक्रिय करना आवश्यक है. पहनने से पहले इन्हें अपने इष्ट देव या भगवान शिव को समर्पित करना लाभकारी रहता है.