
1 / 5
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के द्वारा 44 गांवों में लगभग 14480 हेक्टेयर जमीन पर नया आगरा बसाया जाना है। इस प्रोजेक्ट का मकसद 14 लाख लोगों को रिहायशी जगह उपलब्ध कराना है। वहीं इससे लगभग 10 लाख लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
टूरिज्म और इंडस्ट्री हब बनाया जाएगा

2 / 5
प्लान के अनुसार, न्यू आगरा प्रोजेक्ट ताज ट्रेपेजियम जोन के अंदर प्रदूषण रहित उद्योगों पर केंद्रित होगा। इसके तहत न्यू आगरा को टूरिज्म और आईटी हब बनाने के साथ-साथ मैन्युफैक्चरिंग,हैंडीक्राफ्ट्स, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल और स्पोर्ट्स हब भी बनाना है। थीम पार्क, मनोरंजन पार्क और एडवेंचर जोन भी बनाए जाएंगे।
एयरपोर्ट और रेल कनेक्टिविटी का प्लान

3 / 5
यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे माल की ढुलाई के लिए स्पेशल कॉरिडोर बनाने का प्लान भी है। जिससे नए आगरा को नेशनल कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। यह कॉरिडोर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से लगभग 120 किलोमीटर की दूरी पर स्थित होगा और दोनों के बीच हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी की योजना भी है।
रोड कनेक्टिविटी पर दबाव भी कम होगा

4 / 5
यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे जो नया कॉरिडोर बनाया जाएगा, वह आगरा और जेवर एयरपोर्ट को अलग-अलग रास्तों से जोड़ेगा। इससे मेन हाईवे पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा। योगी सरकार की योजना औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए रेल, सड़क और हवाई यातायात को एक करने की है।
7 सीवेज प्लांट लगाने की योजना बनाई

5 / 5
न्यू आगर प्रोजेक्ट को बसाने के लिए लगभग 375 एमएलडी पानी की जरूरत होगी, जो यमुना नदी और निचली गंगा नहर से जुटाया जाएगा। स्टोर किए गए बारिश के पानी को भी इस्तेमाल में लाया जाएगा। वाटर सप्लाई और गारबेज मैनेजमेंट के लिए बड़े-बड़े जलाशय और 7 सीवेज प्लांट भी लगाए जाएंगे।