क्या टूटेगा 140 साल की गर्मी का रिकॉर्ड? इस बार क्यों चर्चा का विषय क्यों है 'सुपर अल नीनो'

मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि इस वर्ष का "सुपर एल नीनो" पिछले 140 वर्षों के सभी ताप अभिलेखों को तोड़ सकता है। सरल शब्दों में जानें कि यह क्या है, यह इतना खतरनाक क्यों है और भारत के मानसून और कृषि पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा।

Super El Nino, India weather alert, impact of El Nino, climate change, Scientific Warning
1 / 5
देश के 180 से अधिक वैज्ञानिकों ने आने वाले 'सुपर अल नीनो' को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है. Credit: AI

गर्मी आते ही हम सब उमस और पसीने से तर हो जाते हैं। हालांकि, यह गर्मी सामान्य नहीं है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि इस साल का "सुपर एल नीनो" पिछले 140 वर्षों के सभी गर्मी के रिकॉर्ड तोड़ सकता है। वैश्विक तापमान नए रिकॉर्ड बना सकता है, और दुनिया के कई हिस्सों में चरम मौसम की घटनाएं घटित हो सकती हैं। यह "सुपर एल नीनो" दुनिया को कैसे प्रभावित करेगा? इसे इतना खतरनाक क्यों माना जाता है? और भारत सहित पूरी दुनिया पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा? आइए समझते हैं।  

विज्ञापन

अल नीनो (El Niño) क्या है?

अल नीनो (El Niño) क्या है?2 / 5

  स्पेनिश भाषा में "एल नीनो" का अर्थ "छोटा लड़का" होता है, लेकिन मौसम विज्ञान के लिहाज़ से इसके व्यापक प्रभाव होते हैं। यह प्रशांत महासागर से जुड़ा एक मौसमी घटनाक्रम है। सामान्य परिस्थितियों में, गर्म समुद्री सतह का पानी एशिया और ऑस्ट्रेलिया की ओर बहता है। हालांकि, एल नीनो के दौरान, यह चक्र उलट जाता है या कमजोर हो जाता है। भूमध्य रेखा के पास प्रशांत महासागर का पानी सामान्य से कहीं अधिक गर्म हो जाता है, और यह गर्म पानी दक्षिण अमेरिका की ओर बहता है। समुद्र के तापमान में यह वृद्धि पूरी दुनिया में मौसम चक्र (हवाएं, वर्षा और तापमान) को प्रभावित करती है।

विज्ञापन

फिर यह 'सुपर अल नीनो' क्या है?

फिर यह 'सुपर अल नीनो' क्या है?3 / 5

  जब प्रशांत महासागर के पानी का तापमान सामान्य से थोड़ा बढ़ता है, तो उसे 'अल नीनो' कहते हैं। लेकिन जब यह तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस या उससे भी ज्यादा बढ़ जाता है, तो यह घटना बेहद उग्र हो जाती है। इसे ही वैज्ञानिकों ने 'सुपर अल नीनो' का नाम दिया है।

मुख्य कारण:

मुख्य कारण:4 / 5

  जब वैश्विक तापवृद्धि (ग्रीनहाउस गैसों के कारण पृथ्वी का तापमान बढ़ना) और अल नीनो एक साथ होते हैं, तो यह "दोहरा संकट" पैदा करता है। यही कारण है कि वैज्ञानिक 140 से अधिक वर्षों में पहली बार इतनी भीषण लू चलने की भविष्यवाणी कर रहे हैं। यह स्थिति बेहद दुर्लभ है—1950 के बाद से ऐसा कुछ ही बार हुआ है। उदाहरण के लिए, 1982-83, 1997-98 और 2015-16 में इसके कुछ प्रभाव देखे गए थे। इस बार, वैज्ञानिकों का अनुमान है कि नीनो 3.4 क्षेत्र में तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस से अधिक की वृद्धि हो सकती है। न्यूयॉर्क के अल्बानी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर पॉल राउंडी कहते हैं, "पिछले 140 वर्षों में सबसे शक्तिशाली अल नीनो की वास्तविक संभावना है।

विज्ञापन

140 साल पुराना खतरा?

140 साल पुराना खतरा?5 / 5

  तापमान जितना बढ़ेगा, अल नीनो के प्रभाव उतने ही तीव्र होने की संभावना है। न्यूयॉर्क स्टेट यूनिवर्सिटी एट अल्बानी में वायुमंडलीय और पर्यावरण विज्ञान के प्रोफेसर डॉ. पॉल राउंडी ने लिखा है कि "पिछले 140 वर्षों में सबसे शक्तिशाली अल नीनो घटना की वास्तविक संभावना है।" मियामी विश्वविद्यालय के एसोसिएट वैज्ञानिक डॉ. एंडी हेज़ल्टन ने लिखा है कि सभी मॉडल और अवलोकन एक ही दिशा में इशारा करते हैं: इस वर्ष एक बहुत ही शक्तिशाली अल नीनो आएगा, जिसका वैश्विक जलवायु पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा।  

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेखक के बारे में

Raghav Tiwari

Raghav Tiwari

राघव तिवारी न्यूज24 में शिफ्ट हेड की भूमिका निभा रहे हैं। यहां टीम प्रबंधन के साथ नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम आदि की खबरें भी कवर करते हैं। इससे पहले ये अमर उजाला, नईदुनिया, नवभारत टाइम्स (NBT) और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में रिपोर्टिंग कर चुके हैं। देवभूमि उत्तराखंड, इंदौर, नोएडा, कानपुर समेत देश के विभिन्न हिस्सों में काम करने की वजह से राघव भिन्न-भिन्न कल्चर, खानपान, व्यवहार, जरूरत की समझ रखते हैं। राघव तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता एवं जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की शिक्षा पूरी की है। शिकायत और सुझाव के लिए स्वागत है- Mail ID: raghav.tiwari@bagconvergence.in Contact No. 8840671098
... और पढ़ें

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन