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सूत्रों के अनुसार, प्रतीक यादव को आज सुबह ही सिविल अस्पताल लाया गया था, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। हालांकि अभी उनकी मौत की वजह पता नहीं चल पाई है। गत 30 अप्रैल को भी प्रतीक को लखनऊ के नामी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, लेकिन 3 दिन बाद आराम होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया था।
अखिलेश यादव के सौतेले भाई

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बता दें कि प्रतीक यादव समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के सौतेले भाई हैं। अखिलेश के पिता मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना के बेटे हैं, जिनसे रिश्ते की बात साल फरवरी 2007 में मुलायम सिंह ने कबूली थी। वह मुलायम सिंह की पहली पत्नी मालती देवी के निधन के बाद सुर्खियों में आई थी। अखिलेश मालती देवी के बेटे हैं।
BJP नेता अपर्णा यादव के पति

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BJP नेता और उत्तर प्रदेश में भाजपा महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के पति हैं, जिनसे तलाक लेने की घोषणा करके जनवरी महीने में ही प्रतीक ने खलबली मचा दी थी। हालांकि बाद में उन्होंने अपनी पोस्ट हटा दी थी और उसके बाद दोनों साथ-साथ नजर भी आए थे, लेकिन दोनों के रिश्ते में तनाव की चर्चा फैल गई थी।
लग्जरी लाइफ के शौकीन थे प्रतीक

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प्रतीक यादव ने ब्रिटेन से MBA की डिग्री ली थी। उनका रियल एस्टेट का बिजनेस था। प्रतीक यादव लग्जरी लाइफ के शौकीन भी थे। प्रतीक के पास कई महंगी लग्जरी कारों का कलेक्शन था। प्रतीक डॉग लवर भी थे। जानवरों की भलाई के लिए उन्होंने जीव आश्रय नामक फाउंडेशन भी खोला हुआ था। प्रतीक सोशल मीडिया के शौकीन भी थे और सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते थे।
बॉडी बिल्डर हुआ करते थे प्रतीक

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प्रतीक यादव जिमिंग और फिटनेस के शौकीन थे। प्रतीक का द फिटनेस प्लैनेट नाम से अपना जिम भी था। प्रतीक जिम ट्रेनर भी रह चुके थे। प्रतीक कभी बॉडी बिल्डर हुआ करते थे। आज भी उनकी बॉडी देखने में काफी शानदार थी। साल 2012 में इंटरनेशनल बॉडी बिल्डिंग वेबसाइट ने उन्हें ‘द इंटरनेशनल ट्रांसफॉर्मेशन ऑफ द मंथ’ का खिताब दिया था। क्योंकि कभी प्रतीक का वजन 103 किलो था और मेहनत करके उन्होंने 67 किलो की फिट बॉडी बना ली थी।
प्रतीक की राजनीति में दिलचस्पी नहीं

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प्रतीक यादव की राजनीति में दिलचस्पी नहीं थी। इसलिए वे राजनीति से दूर ही रहते थे, जबकि पिता मुलायम सिंह यादव चाहते थे कि प्रतीक राजनीति में आएं, लेकिन जिमिंग, फिटनेस और डॉग लवर प्रतीक ने राजनीति की बजाय अपने तरीके की लाइफ को चुना। हालांकि प्रतीक बचपन में पिता को टीवी पर देखकर नेता बनना चाहते थे, लेकिन समय के साथ उनकी रुचि कम हो गई।