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सम्राट चौधरी ने अपनी स्कूल एजुकेशन बिहार के मुंगेर जिले के एक छोटा-से गांव लखनपुर में बने मदरसे में पूरी की। वहीं हायर एजुकेशन मदुरै कामराज यूनिवर्सिटी से की है। सम्राट के पास डी-लिट की उपाधि भी है, लेकिन विपक्ष ने उनकी शैक्षणिक योग्यता और उनकी डिग्रियों पर हमेशा सवाल उठाए हैं।
सम्राट चौधरी ने प्री-फाउंडेशन कोर्स किया

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बता दें कि सम्राट चौधरी ने मदुरै कामराज यूनिवर्सिटी से प्री-फाउंडेशन कोर्स (PFC) किया है, जिसका जिक्र उन्होंने चुनावी हलफनामे में भी किया। लेकिन उनकी इस डिग्री को ट्रेडिशनल एजुकेशन डिग्री नहीं माना जाता, इसलिए विपक्ष हमेशा इस पर सवाल उठाता रहा है, जबकि सम्राट इसे अपनी उपलब्धि बताते हैं।
सम्राट चौधरी के पास मानद डी-लिट की उपाधि

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बता दें कि सम्राट चौधरी के पास मानद डी-लिट की उपाधि भी है, जो किसी यूनिवर्सिटी के द्वारा सम्मान करने के लिए दी जाती है, इसलिए यह भी ट्रेडिशनल एजुकेशन डिग्री नहीं है। विपक्ष इस पर भी सवाल उठाता रहा है, जबकि वे और उनके समर्थक इस डिग्री को सम्मान के तौर पर अचीवमेंट मानते हैं।
मदरसे में सम्राट चौधरी की स्कूल एजुकेशन

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सम्राट चौधरी एक छोटे से गांव से निकलकर एक मदरसे में पढ़कर मुख्यमंत्री के पद तक पहुंचे हैं। उनकी इस अचीवमेंट से जहां उनके परिवार वाले गौरवान्वित हैं, वहीं उनके गांववाले, दोस्त और मदरसा भी गर्व महसूस करता है। सम्राट चौधरी लखनपुर की कच्ची गलियों में एक मकान की छत पर बने 'मदरसा इस्लामिया' में पढ़े हैं।
सम्राट चौधरी क्रिकेट खेलने के भी शौकीन

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सम्राट चौधरी उर्दू के कायदे और अलिफ, बे, ते सीखते हुए बड़े हुए हैं। उनके मदरसे में उर्दू के साथ हिंदी और संस्कृत भी पढ़ाई जाती थी। सम्राट चौधरी पढ़ाई के साथ-साथ क्रिकेट खेलने के शौकीन भी हैं। उनके पिता उन्हें खिलाड़ी बनाना चाहते थे, लेकिन पिता से राजनीति के गुण विरासत में मिले, इसलिए सम्राट को सबसे ज्यादा पहचान राजनीति में ही मिली।