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टोल टैक्स नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे, एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों से वसूला जाता है। चार पहिया वाहनों, भारी वाहनों और कमर्शियल वाहनों से दूरी और सफर की अवधि के हिसाब से टैक्स वसूला जाता है। वहीं वसूले गए टैक्स का इस्तेमाल सड़कों के निर्माण और रखरखाव के लिए किया जाता है।
टोल टैक्स की दरें NHAI तय करता

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टोल टैक्स की दरें नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के द्वारा तय की जाती हैं और टैक्स वसूलने के लिए कई सख्त नियम भी बनाए हैं। टैक्स नहीं देनें पर लोगों को जुर्माना भी भरना पड़ता है। वहीं NHAI के द्वारा समय-समय पर टोल टैक्स की दरें बदली भी जाती हैं।
राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री से टोल टैक्स नहीं वसूला जाता

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बता दें कि देश के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति , राज्यपाल, उप-राज्यपाल, प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्री, राज्यसभा सभापति, लोकसभा अध्यक्ष, राज्य विधानपरिषद सभापति, राज्य विधानसभा अध्यक्ष, राज्य मंत्री, सांसद, भारत सरकार के सचिव, राज्यसभा, लोकसभा के सचिव, राज्य विधानसभा और विधान परिषद के सदस्य और सरकारी दौरे पर आए उच्च पदस्थ विदेशियों से टोल टैक्स नहीं वसूला जाता।
सुप्रीम कोर्ट चीफ जस्टिस का सफर टोल टैक्स फ्री

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सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस, हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस, सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जस्टिस, फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस से भी टोल टैक्स नहीं वसूला जाता। परमवीर चक्र विजेता, अशोक चक्र विजेता, महावीर चक्र विजेता, कीर्ति चक्र विजेता, शौर्य चक्र विजेता भी टोल टैक्स के दायरे से बाहर है, लेकिन इन लोगों को टोल प्लाजा में अपना फोटो ID दिखाना होता है, तभी टोल टैक्स फ्री सफर कर पाएंगे।
सेना-नौसेना और वायुसेना के अधिकारी टोल टैक्स फ्री

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बता दें कि केंद्रीय रक्षा मंत्रालय के अधिकारी, इंडियन आर्मी, इंडियन नेवी, इंडियन एयरफोर्स के प्रमुख और अधिकारी, अर्धसैनिक बल, पुलिस की वर्दी में केंद्रीय और सशस्त्र बल, मजिस्ट्रेट, फायर ब्रिगेड, NHAI के अधिकारी भी टोल टैक्स के दायरे में नहीं आते। इसके अलावा कुछ टोल प्लाजा पर आम लोगों को सालाना पास दिया जाता है, जिससे उन्हें टोल टैक्स नहीं देना पड़ता।