माता‑पिता की अनदेखी की तो आपकी सैलरी से कटेगा 15% जुर्माना, इस राज्य सरकार ने लिया ऐतिहासिक फैसला

बुजुर्गों की उपेक्षा करने वाले बच्चों के खिलाफ एक कड़ा कानूनी कदम उठाया गया है. तेलंगाना सरकार ने उन बच्चों को सबक सिखाने के लिए ऐतिहासिक फैसला लिया है, जो अपने बुजुर्ग माता-पिता की अनदेखी कर अपनी लाइफ में मस्त जीते हैं. सरकार के इस फैसले से बुजुर्गों के उम्मीद की एक नई किरण मिली है.

Parents Support Bill Telangana
1 / 7

बुजुर्गों की उपेक्षा करने वाले बच्चों के खिलाफ एक कड़ा कानूनी कदम उठाया गया है. तेलंगाना सरकार ने उन बच्चों को सबक सिखाने के लिए ऐतिहासिक फैसला लिया है, जो अपने बुजुर्ग माता-पिता की अनदेखी कर अपनी लाइफ में मस्त जीते हैं. सरकार के इस फैसले से बुजुर्गों के उम्मीद की एक नई किरण मिली है.

विज्ञापन

बुजुर्गों की उपेक्षा को कानूनी अपराध घोषित करने का उद्देश्य

बुजुर्गों की उपेक्षा को कानूनी अपराध घोषित करने का उद्देश्य2 / 7

तेलंगाना सरकार का यह फैसला इस बात पर जोर देता है कि बूढ़े माता‑पिता को अकेला छोड़ना या उनकी बुनियादी जरूरतों की अनदेखी करना सिर्फ पारिवारिक झगड़ा नहीं, बल्कि एक कानूनी अपराध माना जाएगा. इससे उन बच्चों पर नैतिक और कानूनी दबाव बढ़ेगा, जो अपने बुजुर्ग रिश्तेदारों को तंगी और एकांत में छोड़कर निजी लाभ में उलझ जाते हैं.

विज्ञापन

वेतन से 15% कटौती और बैंक खाते में सीधा भुगतान

वेतन से 15% कटौती और बैंक खाते में सीधा भुगतान3 / 7

इस विधेयक का सबसे चौंकाने वाला प्रावधान यह है कि यदि कोई कर्मचारी अपने माता‑पिता की देखभाल नहीं करता है, तो उसके वेतन से 15 प्रतिशत धन तुरंत दंड के रूप में काटा जा सकेगा, जो अधिकतम 10,000 रुपये से आगे नहीं जाएगा. इस राशि को सीधे उस बुजुर्ग के बैंक खाते में जमा कर दिया जाएगा, जिसने अपने बच्चे के खिलाफ आवास, भोजन या चिकित्सा सहायता की कमी की शिकायत दर्ज कराई होगी.

सरकारी और निजी क्षेत्र दोनों को शामिल करना

सरकारी और निजी क्षेत्र दोनों को शामिल करना4 / 7

इस कानून की खास बात यह है कि इसमें केवल सरकारी कर्मचारी ही नहीं, बल्कि निजी उद्योग, कंपनियों और संस्थानों में काम करने वाले लोग भी शामिल हो जाते हैं. इसके अलावा निर्वाचित जनप्रतिनिधि यानी नगर निकायों, विधायक और अन्य चुने हुए प्रतिनिधियों पर भी यह उत्थान लागू होगा, ताकि जिम्मेदारी का संदेश पूरे समाज को एकसाथ मिल सके.

विज्ञापन

आर्थिक सहायता से आगे नैतिक जिम्मेदारी

आर्थिक सहायता से आगे नैतिक जिम्मेदारी5 / 7

सरकार स्पष्ट कर रही है कि इस विधेयक का मकसद सिर्फ बच्चों की जेब से पैसा निकालना नहीं है, बल्कि उन्हें यह अहसास दिलाना है कि बुजुर्गों का सम्मान और देखभाल एक ज़िम्मेदारी है, कोई इहसान नहीं. अक्सर ऐसे मामले सामने आते हैं जब बच्चे अपने माता‑पिता को तो आर्थिक रूप से शक्तिशाली देखते हैं, लेकिन उनके अकेलेपन, मानसिक तनाव और स्वास्थ्य जोखिमों की अनदेखी कर देते हैं.

बुजुर्गों की अपेक्षाएं और समाजिक बदलाव की संभावना

बुजुर्गों की अपेक्षाएं और समाजिक बदलाव की संभावना6 / 7

इस कानून के लागू होने से बुजुर्ग समुदाय को यह उम्मीद है कि वे अब अकेलेपन और आर्थिक तंगी में नहीं रह पाएंगे, बल्कि कम से कम बेसिक आवश्यकताएं जैसे भोजन, दवाई और रहने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित होंगी. राज्य सरकार चाहती है कि इस विधेयक से न केवल आर्थिक सहायता का कार्य हो, बल्कि एक ऐसा सामाजिक वातावरण बने जहां बुजुर्गों को 'बोझ' नहीं, बल्कि परिवार के सम्माननीय सदस्य के रूप में देखा जाए.

विज्ञापन

विवाद और नैतिक‑कानूनी बहस की संभावना

विवाद और नैतिक‑कानूनी बहस की संभावना7 / 7

इस फैसले के साथ‑साथ यह भी उठ रहा है कि क्या रिश्तों और पारिवारिक जिम्मेदारियों को कानूनी रूप से बांधना न्यायोचित है या यह निजी जीवन की गोपनीयता और नैतिक निर्णय पर सरकारी अतिक्रमण होगा.

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
... और पढ़ें
विज्ञापन