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केंद्रीय वित्त मंत्रालय के अनुसार, साल 2024-25 में 23834 करोड़ का डिजिटल ट्रांजेक्शन हुआ। एक अप्रैल 2025 से 27 अप्रैल 2026 तक यह ट्रांजेक्शन बढ़कर 28000 करोड़ हो गया। इस बढ़ोतरी के साथ ही देश में ऑनलाइन फ्रॉड की मामले भी बढ़े। नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) का कहना है कि ऑनलाइन पेमेंट करते समय लोगों को सतर्क और जागरूक रहना होगा।
पेमेंट से पहले नाम कंफर्म करें

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NPCI के अनुसार, जब आप ऑनलाइन पेमेंट करते हैं तो नाम जरूरी कंफर्म कर लें। यह जरूरत कंफर्म करें कि यह वही व्यक्ति या बिजनेसमैन है, जिसे पेमेंट की जानी है। पेमेंट करने में जल्दी नहीं करेंगे तो फ्रॉड से बच जाएंगे।
भरोसेमंद पेमेंट ऐप और वेबसाइट

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NPCI के अनुसार, ऑनलाइन पेमेंट करने के लिए भरोसेमंद पेमेंट ऐप और वेबसाइट यूज करें। जिसे पेमेंट करनी है, उसके ऑफिशियल ऐप के बारे में पूछ लें। किसी अनजान के द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक न करें। फोन में कोई संदिग्ध ऐप भी डाउनलोड नहीं करें।
किसी को पिन या ओटीपी न बताएं

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भूले से भी अपना पिन या ओटीपी किसी के साथ भी शेयर न करें। जो ठगना चाहेंगे वे ही पिन और ओटीपी पूछेंगे। UPI PIN, OTP या बैंक डिटेल प्राइवेट और सीक्रेट है। बेशक कोई खुद को बैंककर्मी, पुलिसकर्मी या सरकारी अधिकारी बताए, नहीं बताना।
पेमेंट में जल्दबाजी करने से बचें

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जल्दबाजी में पेमेंट करने से बचें। अगर कोई जल्दी से पेमेंट करने के बारे में कहे तो सतर्क हो जाएं। कोई बहाना बना दें या पेमेंट करने से मना कर दें। ऐसे मामले में समय लेना और सावधानी बरतना आपको ऑनलाइन फ्रॉड होने से बचाएगा।
SMS और ऐप नोटिफिकेशन मंगवाएं

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इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग या फोन बैंकिंग चालू करने के लिए बैंक वालों को SMS और ऐप नोटिफिकेशन भेजने का अनुरोध करें। इसके लिए कुछ पैसे देने पड़ेंगे, लेकिन यह ऑनलाइन ठगी से बचने का तरीका है। क्योंकि जैसे ही पेमेंट होगी, नोटिफिकेशन आएगा।