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सूत्रों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट कहती है कि प्रतीक यादव की मौत नेचुरल डेथ है। लेकिन डॉक्टरों ने उनका दिल और विसरा सुरक्षित रख लिया है, जिसे जांच के लिए भेजा जाएगा। डॉक्टरों के अनुसार, जब प्रतीक को अस्पताल लाया गया, तब पल्स पूरी तरह डाउन थी, हार्ट रुक चुका था। नाखून और शरीर के कुछ हिस्से हल्के नीले पड़ गए थे।
शरीर के चोट पर निशान नहीं

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सिविल अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेश चंद्र पांडे के अनुसार, प्रतीक यादव के शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं मिले हैं, लेकिन उनका वजन काफी बढ़ गया था। पोस्टमॉर्टम किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में 4 डॉक्टरों (डॉ. मौसमी सिंह सहित) की टीम ने फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की मौजूदगी में किया। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी की गई।
बिजनेस पार्टनर का बड़ा खुलासा

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प्रतीक यादव के बिजनेस पार्टनर सर्वेश पांडे ने भी बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि आधी रात को भी प्रतीक की तबियत बिगड़ी थी और वे सिविल अस्पताल गए थे, लेकिन कुछ देर में वापस आ गए थे। उसके बाद अचानक सुबह उन्हें मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया गया। प्रतीक किचन में बेहोश होकर गिर गए थे।
डिप्रेशन का इलाज करा रहे थे प्रतीक

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प्रतीक यादव काफी समय से डिप्रेशन से जूझ रहे थे और मेदांता अस्पताल में उनका इलाज भी चल रहा था। प्रतीक फेफड़ों की बीमारी से भी ग्रस्त थे, जिसका इलाज भी जारी थी। उनकी मौत की खबर मिलते ही पत्नी अपर्णा यादव असम से लखनऊ पहुंचीं। लेकिन उनकी तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।
अखिलेश यादव ने की बिजनेस में नुकसान की बात

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अखिलेश यादव ने भाई प्रतीक यादव की मौत पर मीडिया के सवालों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि बिजनेस में नुकसान अकसर इंसान को मानसिक तनाव दे जाता है। मामले में कानूनी प्रक्रिया के साथ आगे बढ़ सकते हैं। इसे लेकर परिवार का जो भी फैसला होगा, उसके अनुसार आगे अपडेट दिया जाएगा।