Monsoon Alert : मानसून में सामान्य से कम बारिश से क्या-क्या नुकसान? IMD के वैज्ञानिक चिंता में

Monsoon 2026 Rain Deficit: देश में मानसून की सुस्त रफ्तार ने चिंता बढ़ा दी है. सामान्य से 43 फीसदी कम बारिश होने के कारण खेती और पानी का संकट गहरा गया है, जिससे सीधे आम आदमी की जेब पर असर पड़ सकता है. जानिए मौसम विभाग का ताजा अनुमान.

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Monsoon 2026 Rain Deficit: देश में मानसून की सुस्त रफ्तार के कारण सामान्य से 43 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे आने वाले दिनों में गंभीर जलसंकट के आसार हैं. मौसम विभाग (IMD) के वरिष्ठ वैज्ञानिक नरेश कुमार के मुताबिक, अगर बारिश की यह कमी लंबे समय तक बनी रही तो खेती प्रभावित होगी और आम आदमी की जेब पर महंगाई का बड़ा बोझ बढ़ सकता है. हालांकि, जून के आखिर और जुलाई की शुरुआत में मानसून के दोबारा सक्रिय होने की उम्मीद है.

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सामान्य से 43% कम बरसे बादल

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देश में मानसून की धीमी रफ्तार ने सरकार से लेकर आम आदमी तक की चिंता बढ़ा दी है. शुरुआती दौर में देश भर में सामान्य से 43 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है. बारिश का यह बड़ा सूखा सीधे तौर पर खेती-किसानी, पानी की उपलब्धता और आने वाले दिनों में देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है.

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जल संकट और महंगाई का डबल झटका संभव

जल संकट और महंगाई का डबल झटका संभव3 / 6

कम बारिश होने के कारण देश के कई हिस्सों में जल संकट गहराने की आशंका पैदा हो गई है. बांधों और जलाशयों में पानी का स्तर घटने लगा है. इसके अलावा, खेती प्रभावित होने से खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ सकते हैं, जिससे आम जनता पर महंगाई का सीधा बोझ पड़ेगा.

बढ़ सकते हैं खाने-पीने की चीजों के दाम

बढ़ सकते हैं खाने-पीने की चीजों के दाम4 / 6

कम बारिश होने का सबसे बड़ा नुकसान खरीफ फसलों की बुआई पर पड़ेगा. खेती प्रभावित होने से फसलों का उत्पादन कम हो सकता है, जिसके चलते आने वाले दिनों में बाजार में खाने-पीने की चीजों के दाम तेजी से बढ़ सकते हैं. अनाज, दलहन और सब्जियों की कीमतें बढ़ने से आम उपभोक्ताओं का बजट बिगड़ना तय माना जा रहा है.

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मौसम विभाग को जुलाई से बड़ी उम्मीदें

मौसम विभाग को जुलाई से बड़ी उम्मीदें5 / 6

मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, फिलहाल मानसून की स्थिति चिंताजनक जरूर है, लेकिन राहत की बात यह है कि जून के आखिर और जुलाई की शुरुआत में इसके दोबारा सक्रिय होने की पूरी उम्मीद है. मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि जुलाई की शुरुआत से देश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश का दौर शुरू हो सकता है, जिससे फसलों को नया जीवन मिलेगा और सूखे की स्थिति से निजात मिल सकेगी.

क्या कहते हैं IMD के वरिष्ठ वैज्ञानिक?

क्या कहते हैं IMD के वरिष्ठ वैज्ञानिक?6 / 6

मौसम विभाग (IMD) के वरिष्ठ वैज्ञानिक नरेश कुमार के मुताबिक, देश में मानसून की रफ्तार फिलहाल चिंता बढ़ा रही है. सामान्य से 43 प्रतिशत कम बारिश ने खेती, जल संकट और महंगाई को लेकर आशंकाएं बढ़ा दी हैं. हालांकि मौसम विभाग को जून के आखिर और जुलाई की शुरुआत में मानसून के फिर सक्रिय होने की उम्मीद है, लेकिन अगर बारिश की कमी लंबे समय तक बनी रही तो इसका असर सीधे किसानों की आय, आम आदमी की जेब और देश की अर्थव्यवस्था पर दिखाई दे सकता है.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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