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LPG Crisis In India: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और गैस सप्लाई पर असर के कारण भारत में एलपीजी संकट बढ़ रहा है. कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर महंगे होने और सप्लाई को लेकर चिंता के चलते चाय की दुकानों, स्ट्रीट फूड स्टॉल और रेस्टोरेंट पर दबाव बढ़ गया है. ऐसे में कई जगह खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़े हैं और मेन्यू में बदलाव किए जा रहे हैं.
खाने-पीने पर LPG संकट का असर

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भारत में एलपीजी संकट की चर्चा तेज हो गई है. कमर्शियल गैस सिलेंडर महंगे होने और सप्लाई में अनिश्चितता के कारण होटल, रेस्टोरेंट और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं की लागत बढ़ रही है. इसका सीधा असर आम लोगों की पेट पूजा पर पड़ सकता है.
चाय के बढ़े दाम

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सिलेंडर की किल्लत की वजह से चाय बेचने वालों को भी काफी परेशानी हो रही है. उनका कहना है कि उन्हें सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं, जिसकी वजह से चायवालों को दाम बढ़ाने पड़े और 10 रुपये की चाय का दाम अब 15 से 20 रुपये हो गया है. 7 रुपये की कटिंग चाय अब 10-12 रुपये में बिक रही है.
स्ट्रीट फूड के दामों पर पड़ा असर

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समोसा, पूरी-सब्जी और गोलगप्पे जैसे स्ट्रीट फूड बनाने में गैस का ज्यादा इस्तेमाल होता है. एलपीजी महंगी होने से छोटे दुकानदारों को कीमत बढ़ाने या मात्रा कम करने की मजबूरी हो सकती है.
कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़े

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हाल ही में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में करीब 114-144 रुपये की बढ़ोतरी हुई है. दिल्ली में 19 किलो का सिलेंडर करीब 1883 रुपये तक पहुंच गया है, वहीं 14.2 किलो सिलेंडर की कीमत 913 रुपये का हो गया है, जो पहले 853 रुपये का था. सिलेंडर की बढ़ती कीमतों के साथ रेस्टोरेंट और फूड बिजनेस की लागत बढ़ गई है.
रेस्टोरेंट में बदल रहे हैं मेन्यू

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बढ़ती लागत को देखते हुए कई रेस्टोरेंट अपने मेन्यू में बदलाव कर रहे हैं. गैस ज्यादा खर्च करने वाले फूड आइट्मस को कम किया जा रहा है और कुछ डिशेज की कीमत बढ़ी है. थाली में दाल, रोटी, सीजनल सब्जी के साथ मिलने वाला मटर पनीर मेन्यू से गायब कर दिया गया है और जहां मटर-पनीर के साथ थाली मिल रही है, वहां कीमत बढ़ा दी गई है.
(All Photos Credit: Social Media)