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भारतीय रेलवे इस साल टिकट कैंसिलेशन और रिफंड के नियम बदल रहा है। काउंटर टिकट और बोर्डिंग स्टेशन के नियम भी बदलेंगे। वहीं रेलवे ने इस साल देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन ट्रैक पर उतारने की तैयारी पूरी कर ली है। इसके अलावा रेलवे इस साल 12 वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलाने का प्लान भी बना चुका है।
ट्रेन टिकट कैंसिलेशन और रिफंड के नियम

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भारतीय रेलवे 15 अप्रैल से टिकट कैंसिल करने और रिफंड के नए नियम लागू कर देगा। नए नियम के अनुसार, अब ट्रेन छूटने से 4 घंटे नहीं बल्कि 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल करानी होगी, तब रिफंड मिलेगा। इससे कम समय में कैंसिल कराने पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा। वहीं 24 से 8 घंटे के बीच टिकट कैंसिल करने पर 50% रिफंड मिलेगा। 12 से 48 घंटे में कैंसिल कराने पर 25 प्रतिशत रिफंड मिलेगा। वहीं 48 घंटे पहले कैंसिल कराने पर मैक्सिमम रिफंड मिलेगा।
काउंटर टिकट किसी भी स्टेशन से कैंसिल

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बता दें कि रेलवे यात्री अब काउंटर टिकट किसी भी स्टेशन से कैंसिल करा सकेंगे और रिफंड ले सकेंगे। उन्हें अब ट्रेन का काउंटर टिकट कैंसिल कराने के लिए उसी स्टेशन पर या आखिरी स्टेशन पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
ट्रेन के बोर्डिंग स्टेशन का नियम बदला

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रेलवे यात्री ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक डिजिटली अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे। पहले यह सुविधा चार्ट बनने से पहले तक मिलती थी, लेकिन नए नियम के अनुसार, अगर कोई यात्री अपने पुराने स्टेशन से ट्रेन नहीं पकड़ पाता है तो वह अगला स्टेशन चुनकर पहले से कंफर्म सीट पर सफर कर सकेगा।
ट्रेन में ट्रैवल क्लास अपग्रेड करना की सुविधा

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नए नियमों के अनुसार, अब रेलवे के यात्री ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक अपनी ट्रैवल क्लास को अपग्रेड करा सकेंगे। जैसे स्लीपर क्लास से AC क्लास के कोच में अपनी टिकट को अपग्रेड करवा सकेंगे। पहले यह बदलाव भी चार्ट बनने से पहले तक हो सकता था, लेकिन नया नियम इस साल से लागू होने की उम्मीद है।
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन लॉन्च होगी

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भारत इस साल अपनी पहली हाइड्रोजन ट्रेन भी लॉन्च कर सकता है। रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन (RDSO) ने ट्रेन का ट्रायल पूरा कर लिया है। यह दुनिया की सबसे लंबी (10 कोच) और सबसे शक्तिशाली (2400kW) हाइड्रोजन ट्रेन होगी। इसमें 2 ड्राइविंग पावर कार और 8 पैसेंजर कोच होंगे। वहीं यह ट्रेन पूरी तरह से इको-फ्रेंडली होगी। धुएं के बजाय पानी की भाप छोड़ेगी।
12 नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें लॉन्च होंगी

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बता दें कि रेलवे इस साल लंबी दूरी की 12 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें भी शुरू करने जा रहा है। हावड़ा-कामाख्या रूट पर 2 ऐसी ट्रेनें शुरू हो चुकी हैं। ऐसी 120 ट्रेनों के लिए किनेट रेलवे सॉल्यूशंस को कॉन्ट्रैक्ट मिला है। भारत-रूस का यह जॉइंट वेंचर जून 2026 तक पहला प्रोटोटाइप पेश करेगा। टीटागढ़ रेल सिस्टम्स कंपनी BHEL के साथ मिलकर 80 स्लीपर ट्रेनें बना रही है। वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें 1000 से 1500 किलोमीटर का सफर तय करेंगी।
रेलवे स्टेशनों पर 75 नए होल्डिंग एरिया बनेंगे

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बता दें कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (NDLS) पर होल्डिंग एरिया बनाने से भीड़ कंट्रोल करने में मदद मिली। अब इस प्रोजेक्ट को रेल मंत्रालय देश के 75 और प्रमुख स्टेशनों पर लागू करेगा। इन स्टेशनों पर स्थायी 'यात्री सुविधा केंद्र' (Holding Areas) बनाए जाएंगे। इससे स्टेशन प्लेटफॉर्म पर भीड़ कम होगी और यात्रियों को ट्रेन का इंतजार करने के लिए जगह मिलेगी।
रेलवे के ब्रॉड गेज नेटवर्क का 100% इलेक्ट्रिफिकेशन

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भारतीय रेलवे अपने ब्रॉड गेज नेटवर्क के फुली इलेक्ट्रिफाई बना रहा है। वर्तमान में 99.2% नेटवर्क बिजली से लैस हो चुका है, जो 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कवर करता है।