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भारत के एक राज्य में कभी महिलाओं को अपनी ब्रेस्ट कवर करने के लिए टैक्स देना पड़ता था। एक देश में यूरिन के लिए, एक देश में कुंवारा रहने के लिए, एक देश में 2 बच्चे पैदा करने के लिए, एक देश में सेक्स करने के लिए, एक देश में टोपी पहनने पर, एक देश में घर में खिड़कियां लगाने पर टैक्स देना पड़ता था।
भारत में ब्रेस्ट कवर करने के लिए टैक्स

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सामाजिक इतिहासकार एस एन सदाशिवन ने अपनी किताब 'अ सोशल हिस्ट्री ऑफ इंडिया' के अनुसार, आज 223 साल पहले वर्ष केरलम (केरल) में महिलाओं को ब्रेस्ट कवर करने के लिए टैक्स देना पड़ता था। यह टैक्स शूद्र वर्ग की महिलाओं के लिए था, क्योंकि उस समय शूद्र महिलाओं को नाभि से ऊपर कोई कपड़ा पहनने की अनुमति नहीं थी। उन्हें हमेशा अपने ब्रेस्ट खुले रखने पड़ते थे। अगर किसी को इन्हें कवर करना था तो टैक्स देना पड़ता था। करीब 200 साल तक केरल में यह नियम लागू रहा। 1803 में जब नंगेली नामक महिला ने अपनी ब्रेस्ट काटकर टैक्स का विरोध किया तो टैक्स को हटा लिया गया।
शादीशुदा और कुंवारों के लिए इनकम टैक्स

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बता दें कि भारत में एक समय पर शादीशुदा और कुंवारों के लिए भी इनकम टैक्स लगता था। 1955 की बात है, जब देश की जनसंख्या बढ़ने लगी थी तब सरकार ने शादीशुदा और कुंवारों के लिए अलग-अलग टैक्स फ्री इनकम तय की थी। शादीशुदा लोगों को 2000 रुपये से ज्यादा की इनकम पर और कुंवारे लड़कों को 1000 रुपये से ज्यादा की इनकम पर टैक्स देना पड़ता था।
2 बच्चे पैदा करने पर इनकम टैक्स का नियम

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भारत में 1958 में बच्चों की संख्या के आधार पर इनकम टैक्स लगता था। बच्चों के पैदा होने पर टैक्स लगाने वाला भारत दुनिया का इकलौता देश था। अगर शादीशुदा जोड़े का बच्चा नहीं है तो 3000 रुपये से ज्यादा की इनकम पर टैक्स लगता था। एक बच्चा होने पर 3300 रुपये से ज्यादा की इनकम पर टैक्स लगता था। 2 बच्चे पैदा होने पर 3600 रुपये से ज्यादा की इनकम पर टैक्स लगता था।
नमक और आत्मा में विश्वास पर टैक्स लगता था

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बता दें कि 1718 में रूस में आत्मा पर विश्वास रखने वालों पर और फ्रांस में नमक पर टैक्स लगाया जाता था। रूस के राजा पीटर द ग्रेट ने आत्मा में विश्वास रखने वालों पर टैक्स लगाया था, लेकिन दोनों टैक्स 1945 में खत्म कर दिए गए थे।
यूरिन कलेक्ट करने पर इनकम टैक्स लगा था

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बता दें कि रोम के राजा वेस्पेशन ने यूरिन कलेक्शन पर टैक्स लगाया था, क्योंकि यूरीन में अमोनिया होता है। धोबीघाट या फुलोनिकस से पेशाब इकट् करके उसे सड़ाया जाता था, जिससे वह अमोनिया बन जाता था। अमोनिया एक प्रकार का डिटर्जेंट होता था, जिससे कपड़े धोए जाते थे। जानवरों की खाल को नरम करने और उसे पकाने के काम में भी अमोनिया इस्तेमाल होता था। राजा ने पेशाब से अमोनिया बनाने पर टैक्स लगा दिया था।
सेक्स करने और टोपी लगाने पर टैक्स लगता था

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जर्मनी में सेक्स करने यानी शारीरिक संबंध बनाने पर टैक्स लगता था। साल 2004 में वेश्याओं पर हर महीने 150 यूरो टैक्स लगाया गया था। ब्रिटेन के प्राइम मिनिस्टर विलियम पिट ने 1784 में पुरुषों के टोपी पहनने पर टैक्स लगा दिया था। इंग्लैंड के सम्राट हेनरी अष्टम ने साल 1535 में दाढ़ी रखने पर टैक्स लगाया था।
घर में खिड़कियां लगाने पर टैक्स लगता था

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इंग्लैंड और वेल्स के राजा विलियम थर्ड ने 1696 में घर में खिड़कियों की संख्या पर टैक्स लगाया था। जिन घरों में 10 से ज्यादा खिड़कियां होती थीं, उन्हें 10 शिलिंग टैक्स देना पड़ता था। डेनमार्क की सरकार ने गायों के गोबर से बनी गैस पर टैक्स देना पड़ता था।