Income Tax Refund: पैन कार्ड एक्टिव है या नहीं? एक गलती से अटका जाएगा IT रिफंड, जानें क्या है मामला
Income tax Refund New Update: पैन कार्ड और इनकम टैक्स रिफंड को लेकर केंद्र सरकार ने एक अपडेट जारी किया है। केंद्र सरकार के अनुसार, 1.3 लाख से ज्यादा टैक्सपेयर्स का 340 करोड़ से ज्यादा का रिफंड अटका हुआ है, जिसकी वजह पैन कार्ड है। आइए जानते हैं कि आखिर मामला क्या है?

देशभर के इनकम टैक्स पेयर्स इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरते हैं और रिफंड का इंतजार करते हैं। लेकिन संसद में सरकार की ओर से बताया गया है कि इस साल आयकर भरने वालों का रिफंड अटका हुआ है और इसकी वजह पैन कार्ड का एक्टिव नहीं होना है, यानी करीब एक लाख लोगों का पैन कार्ड इन-ऑपरेटिव है और आधार कार्ड से लिंक नहीं है।
IT रिफंड के लिए पैन-आधार लिंक जरूरी
2 / 5बता दें कि इनकम टैक्स एक्ट के अनुसार जब तक पैन कार्ड और आधार कार्ड लिंक नहीं होगा, इनकम टैक्स रिफंड जारी नहीं होगा। इसलिए अगर रिफंड नहीं आया है तो तुरंत अपना पैन कार्ड चेक करें कि वह एक्टिव है या नहीं और आधार कार्ड से लिंक है या नहीं। अगर दोनों में से एक भी चूक हो गई तो तुरंत उस गलती को सुधारें और रिफंड पाएं।
देशभर के 9.25 करोड़ पैन कार्ड इन-ऑपरेटिव
3 / 5वित्त मंत्रालय के अनुसार, 130638 केसों में IT रिफंड रुका हुआ है। इन केसों में कुल रकम 340.30 करोड़ रुपये है। वहीं देशभर के करीब 9.25 करोड़ पैन कार्ड इन-ऑपरेटिव हैं। इसलिए 2338 करोड़ से ज्यादार रुपये की लेट फीस वसूली जा चुकी है। साल 2024-25 में IT रिफंड अटकने की करीब 1114 शिकायतें आई थी और 2025-26 में 1156 शिकायतें आई थीं।
पैन कार्ड एक्टिव न होने पर क्या नुकसान होगा?
4 / 5इनकम टैक्स एक्ट की धारा 139AA के तहत पैन कार्ड इन-ऑपरेटिव होने पर IT रिफंड अटक जाएगा। ज्यादा TDS कट सकता है और बड़े फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन करने में समस्या आ सकती है। ITR फाइल करने के बाद टैक्स क्रेडिट मिलने के बावजूद भी रिफंड तब तक नहीं मिलेगा, जब तक पैन कार्ड एक्टिव नहीं होगा और आधार कार्ड से लिंक नहीं होगा।
पैन कार्ड इन-ऑपरेटिव होने पर क्या करें?
5 / 5अगर आपका पैन कार्ड इन-ऑपरेटिव हो गया है तो उसे एक्टिव कराएं। उसे आधार कार्ड से लिंक कराएं। लेट फीस भरें और इनकम टैक्स पोर्टल पर पैन कार्ड का स्टेटस चेक करें। जैसे ही पैन कार्ड ऑपरेटिव ऑपरेटिव होगा, इनकम टैक्स रिफंड जारी हो जाएगा। अन्यथा कई आर्थिक लेन-देन करने में परेशानी उठानी पड़ेगी और रिफंड भी नहीं आएगा।