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देशभर के इनकम टैक्स पेयर्स इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरते हैं और रिफंड का इंतजार करते हैं। लेकिन संसद में सरकार की ओर से बताया गया है कि इस साल आयकर भरने वालों का रिफंड अटका हुआ है और इसकी वजह पैन कार्ड का एक्टिव नहीं होना है, यानी करीब एक लाख लोगों का पैन कार्ड इन-ऑपरेटिव है और आधार कार्ड से लिंक नहीं है।
IT रिफंड के लिए पैन-आधार लिंक जरूरी

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बता दें कि इनकम टैक्स एक्ट के अनुसार जब तक पैन कार्ड और आधार कार्ड लिंक नहीं होगा, इनकम टैक्स रिफंड जारी नहीं होगा। इसलिए अगर रिफंड नहीं आया है तो तुरंत अपना पैन कार्ड चेक करें कि वह एक्टिव है या नहीं और आधार कार्ड से लिंक है या नहीं। अगर दोनों में से एक भी चूक हो गई तो तुरंत उस गलती को सुधारें और रिफंड पाएं।
देशभर के 9.25 करोड़ पैन कार्ड इन-ऑपरेटिव

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वित्त मंत्रालय के अनुसार, 130638 केसों में IT रिफंड रुका हुआ है। इन केसों में कुल रकम 340.30 करोड़ रुपये है। वहीं देशभर के करीब 9.25 करोड़ पैन कार्ड इन-ऑपरेटिव हैं। इसलिए 2338 करोड़ से ज्यादार रुपये की लेट फीस वसूली जा चुकी है। साल 2024-25 में IT रिफंड अटकने की करीब 1114 शिकायतें आई थी और 2025-26 में 1156 शिकायतें आई थीं।
पैन कार्ड एक्टिव न होने पर क्या नुकसान होगा?

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इनकम टैक्स एक्ट की धारा 139AA के तहत पैन कार्ड इन-ऑपरेटिव होने पर IT रिफंड अटक जाएगा। ज्यादा TDS कट सकता है और बड़े फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन करने में समस्या आ सकती है। ITR फाइल करने के बाद टैक्स क्रेडिट मिलने के बावजूद भी रिफंड तब तक नहीं मिलेगा, जब तक पैन कार्ड एक्टिव नहीं होगा और आधार कार्ड से लिंक नहीं होगा।
पैन कार्ड इन-ऑपरेटिव होने पर क्या करें?

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अगर आपका पैन कार्ड इन-ऑपरेटिव हो गया है तो उसे एक्टिव कराएं। उसे आधार कार्ड से लिंक कराएं। लेट फीस भरें और इनकम टैक्स पोर्टल पर पैन कार्ड का स्टेटस चेक करें। जैसे ही पैन कार्ड ऑपरेटिव ऑपरेटिव होगा, इनकम टैक्स रिफंड जारी हो जाएगा। अन्यथा कई आर्थिक लेन-देन करने में परेशानी उठानी पड़ेगी और रिफंड भी नहीं आएगा।