केंद्र सरकार ने 2 साल पहले फास्ट ट्रैक इमिग्रेशन-ट्रस्टेड ट्रैवलर प्रोग्राम (FTI-TTP) शुरू किया था, जिसे अब लखनऊ, तिरुवनंतपुरम, त्रिची, कालीकट और अमृतसर हवाई अड्डों पर भी शुरू कर दिया गया है, यानी अब देशभर के 21 एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन का नया सिस्टम मिलेगा।
ई-गेट इमिग्रेशन सिस्टम कैसे काम करता?

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देशभर के एयरपोर्ट पर यात्रियों को लंबी कतारों से बचाने के लिए फास्ट ट्रैक इमिग्रेशन -ट्रस्टेड ट्रैवलर प्रोग्राम (FTI-TTP) शुरू हुआ था, जिसे ई-गेट इमिग्रेशन सिस्टम भी कहते यात्री खुद एयरपोर्ट पर बने ई-गेट पर अपना पासपोर्ट और बोर्डिंग पास, फेस, फिंगरप्रिंट का बायोमेट्रिक वेरिफकेशन करके इमिग्रेशन कर सकते हैं। इससे यात्रियों को लाइन में नहीं लगना पड़ेगा।
FTI-TTP से यात्रियों को कैसे फायदा होगा?

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बता दें कि ई-गेट्स इमिग्रेशन सिस्टम से समय की बचत, क्योंकि इमिग्रेशन क्लीयरेंस सेकंड में हो जाएगा। सर्विस के लिए यात्रियां को कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं देना होगा। इस सिस्टम से एक बार रेजिस्ट्रेशन होने के बाद 5 साल या पासपोर्ट की वैलिडिटी खत्म होने तक इमिग्रेशन मान्य रहेगा। इमिग्रेशन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और ट्रांसपेरेंट है, जिससे यात्रियों के साथ फ्रॉड होने का चांस नहीं।
ई-गेट्स इमिग्रेशन के कौन कर सकता आवेदन?

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बता दें कि ई-गेट्स इमिग्रेशन सिस्टम के तहत आवेदन और रजिस्ट्रेशन के लिए ट्रैवलर का भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है या उसके पास ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड होना चाहिए। पासपोर्ट कम से कम 6 महीने के लिए वैलिड होना चाहिए। रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या ईमेल से OTP बेस्ड वेरिफिकेशन अनिवार्य है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाएगा।
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ई-गेट्स इमिग्रेशन के आवेदन कैसे करें?

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गृह मंत्रालय के आधिकारिक पोर्टल ftittp.mha.gov.in पर जाएं। फोटो, पासपोर्ट की कॉपी, एड्रेस प्रूफ और OCI कार्ड अपलोड करें। फोटो साफ और सफेद बैकग्राउंड वाली हो और 6 महीने से ज्यादा पुरानी न हो। एप्लिकेशन सबमिशन के बाद QR कोड जनरेट होगा। 24 घंटे बाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट या नजदीकी FRRO ऑफिस में जाकर अपना बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट और फेशियल एनरोलमेंट) करवाएं। इसके लिए अपॉइंटमेंट लेना होगा। जानकारी ऑफिशियल चैनलों के जरिए वेरिफाई होगी। एक महीने के अंदर इमिग्रेशन मंजूर हो जाएगा। अप्रूवल मिलने के बाद हवाई अड्डे पर बने स्पेशल ई-गेट्स पर अपना पासपोर्ट और बोर्डिंग पास स्कैन करके सेकंड में इमिग्रेशन प्रोसेस पूरा कर सकेंगे।
ई-गेट्स इमिग्रेशन के लिए ध्यान रखें ये बातें

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बता दें कि अगर पासपोर्ट गुम हो जाए, चोर हो जाए या एक्सपायर हो जाए तो पोर्टल पर नए पासपोर्ट का डीटेल अपडेट करना होगा। हालांकि इसके लिए दोबारा बायोमेट्रिक की जरूरत नहीं होगी। लेकिन गलत जानकारी देने पर या साफ क्लीयर डॉक्यूमेंट्स अपलोड न करने पर आवेदन रद्द हो सकता है। जिनके बायोमेट्रिक्स कैप्चर नहीं हो पाएंगे, उनका भी रजिस्ट्रेशन नहीं होगा। इसलिए सोच-समझकर पूरी तैयारी के साथ ही आवेदन करें।