पासपोर्ट बनवाने से जुड़ा बड़ा नियम, आधार-पैन और वोटर ID होने पर भी नहीं बना Indian Passport, यहां जानें क्यों?

इस भारतीय लड़की का पासपोर्ट नहीं बन सकता। उसके आवेदन को खारिज कर दिया गया है और अब वह जिंदगी में कभी भारतीय पासपोर्ट नहीं बनवा सकेगी, क्योंकि एक शर्त पूरी करने से वह चूक गई है। जी हां, भारतीय पासपोर्ट का एक नियम ऐसा है, जिसके बिना पासपोर्ट बन ही नहीं पाएगा और न ही आप भारतीय नागरिक कहलाएंगे।

Indian Passport
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गुजरात की 26 वर्षीय डॉली वदालिया के पास आधार कार्ड और पैन कार्ड है। 10वीं का सर्टिफिकेट, यूनिवर्सिटी की डिग्री, वोटर आईडी कार्ड और मैरिज सर्टिफिकेट भी हैं, लेकिन इन सबके बावजूद उसे भारतीय पासपोर्ट जारी करने से इनकार कर दिया गया है। क्योंकि वह इतने वैलिड डॉक्यूमेंट होने के बावजूद भी भारतीय नागरिक नहीं है।  

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बर्थ रजिस्ट्रेशन के कारण अटका मामला

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दरअसल, मामला मामला उसके जन्म और जन्मस्थान के कारण अटका है। डॉली का जन्म विदेश में हुआ था, लेकिन बदकिस्मती से वह इस देश में भारतीय दूतावास में पंजीकरण नहीं करा पाई। भारतीय नागरिकता कानून के अनुसार विदेश में जन्मे भारतीय माता-पिता के बच्चों के लिए आवश्यक शर्त है कि जन्म के एक साल के अंदर उन्हें भारतीय दूतावास में जन्म पंजीकरण कराना होगा।

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मोजाम्बिक में हुआ था डॉली का जन्म

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डॉली वदालिया का जन्म 18 फरवरी 2000 को मोजाम्बिक के जाई-जाई प्रांत में हुआ था, जहां उनके पिता केतन बारिया और माता आरती थोक की किराने की दुकान थी। लेकिन जन्म के अगले दिन चक्रवाती तूफान के कारण देश में विनाशकारी बाढ़ आ गई, जिसने साउस मोजाम्बिक में तबाही मचा दी थी। घर तक बह गए थे, जिस वजह से डॉली को लेकर परिवार को पलायन करना पड़ा।

भारतीय दूतावास में बर्थ रजिस्ट्रेशन नहीं

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बाढ़ का जलस्तर बढ़ने और बीमारियों के फैलने के डर से मोजाम्बिक में रहने वाले भारतीय परिवार देश छोड़कर जाने लगे। डॉली के परिवार ने भी भारतीय दूतावास के अधिकारियों से आपातकालीन प्रमाण पत्र प्राप्त किया और पहले हेलीकॉप्टर से मापुटो गए। फिर 18 दिन की डॉली को लेकर वापस भारत लौट आए। इस अफरा-तफरी में भारतीय दूतावास में उसका जन्म पंजीकरण नहीं हुआ।

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किसी देश की आधिकारिक निवासी नहीं

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आज बर्थ रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और रिकॉर्ड न होने के कारण वह भारतीय पासपोर्ट नहीं बनवा सकती। पासपोर्ट नहीं है तो वह देश छोड़कर कनाडा में अपने पति के पास रहने के लिए नहीं जा सकती। यहां तक कि यह भी साबित नहीं कर सकती कि वह आधिकारिक तौर पर दुनिया में कहीं की निवासी है। पति के पास न जा सकने के कारण उसकी शादीशुदा जिंदगी भी संघर्ष कर रही है।

2 बार रिजेक्ट हो चुका पासपोर्ट एप्लिकेशन

2 बार रिजेक्ट हो चुका पासपोर्ट एप्लिकेशन6 / 6

भारतीय पासपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, डॉली को पहले भारतीय नागरिकता का प्रमाण देना होगा। उसके पासपोर्ट आवेदनों को 2 बार यह कहते हुए खारिज कर दिया कि वह वंश के आधार पर भारतीय नागरिक बनने में विफल रही हैं, क्योंकि उनके जन्म को मोजाम्बिक में भारतीय दूतावास में पंजीकृत नहीं किया गया था। भारत आने के लिए बनवाया इमरजेंसी सर्टिफिकेट भी अब अनवैलिड हो चुका है।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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