आखिर दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है, जानिए कितने जवान होते हैं ऑन ड्यूटी?

दिल्ली विधानसभा में हालिया सुरक्षा चूक ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. एक कार के बैरिकेड तोड़कर परिसर में घुसने के बाद ये जानना जरूरी हो गया है कि आखिर इस हाई-सिक्योरिटी जोन की जिम्मेदारी किसके पास होती है और चूक कहां हुई.

Delhi Assembly Security Breach
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Credit: Social Media

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दिल्ली विधानसभा में क्या हुआ था?

दिल्ली विधानसभा में क्या हुआ था?2 / 6

दिल्ली विधानसभा परिसर में एक कार अचानक बैरिकेड तोड़ते हुए अंदर घुस गई. यह इलाका बेहद संवेदनशील और हाई-सिक्योरिटी जोन माना जाता है, जहां आमतौर पर हर वाहन और व्यक्ति की सख्त जांच होती है. इस घटना के बाद पूरे परिसर में हड़कंप मच गया और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट मोड पर आ गईं. इस तरह की घटना ने यह साफ कर दिया कि सुरक्षा व्यवस्था में कहीं न कहीं बड़ी चूक हुई है, क्योंकि बिना इजाजत के किसी वाहन का अंदर एंट्री करना आम बात नहीं है.

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कैसे टूटी सुरक्षा की परतें?

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विधानसभा जैसे संवेदनशील स्थान पर सुरक्षा कई स्तरों पर होती है, लेकिन इस मामले में वाहन ने पहले बैरिकेड को तोड़ा और फिर अंदर प्रवेश कर गया. आमतौर पर हर गेट पर पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं और संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत रिएक्शन दिया जाता है, लेकिन इस घटना में प्रतिक्रिया में देरी या चूक देखने को मिली. घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ लिया. वाहन को जब्त कर लिया गया और उसकी पूरी जांच की गई. जांच के दौरान किसी तरह का विस्फोटक या खतरनाक सामग्री नहीं मिली, जिससे एक बड़ी घटना टल गई. हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके को सील कर दिया और कुछ समय के लिए हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया, ताकि किसी भी खतरे से निपटा जा सके.

विधानसभा की सुरक्षा कौन संभालता है?

विधानसभा की सुरक्षा कौन संभालता है?4 / 6

दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा मुख्य रूप से दिल्ली पुलिस के जिम्मे होती है. इसके अलावा विधानसभा का अपना सुरक्षा स्टाफ भी होता है, जो अंदरूनी सुरक्षा और प्रवेश व्यवस्था को संभालता है. दिल्ली पुलिस बाहरी सुरक्षा, गेट कंट्रोल और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखती है, जबकि विधानसभा स्टाफ अंदर की मैनेजमेंट पर ध्यान देता है. इस तरह यह एक संयुक्त जिम्मेदारी होती है, जिसमें किसी भी स्तर पर चूक होने से ऐसी घटनाएं सामने आ सकती हैं.

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मल्टी लेयर सुरक्षा व्यवस्था कैसे काम करती है?

मल्टी लेयर सुरक्षा व्यवस्था कैसे काम करती है?5 / 6

विधानसभा परिसर में सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए मल्टी-लेयर सिस्टम अपनाया जाता है. पहले लेवल पर बाहरी गेट पर वाहन और व्यक्ति की जांच होती है. इसके बाद पहचान पत्र की जांच और एंट्री पास की पुष्टि की जाती है. अंदर सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर एक्टिविटी पर नजर रखी जाती है और सुरक्षा कर्मी लगातार गश्त करते रहते हैं.

पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां

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दिल्ली विधानसभा को पहले भी कई बार बम धमकियां मिल चुकी हैं, जिसके चलते सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही सतर्क रहती हैं. हर धमकी के बाद सुरक्षा जांच बढ़ा दी जाती है और पूरे परिसर की सघन तलाशी ली जाती है. (All Photos Credit: Social Media)

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लेखक के बारे में

Varsha Sikri

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.
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