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आने वाले समय में आप सुप्रीम कोर्ट को बिल्कुल एक नए रूप में देखने वाले हैं. जिसमें आप कुछ सालों में सुप्रीम कोर्ट में होने वाले बदलाव देखेंगे. वहीं, इसे लेकर चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान को लेकर जानकारी दी है. चीफ जस्टिस ने वकीलों की सुविधा को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के लिए एक मेट्रों लाइन का विचार पेश किया है. यह मेट्रो सीधे कोर्ट परिसर तक शानदार कनेक्टिविटी देगी.

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आने वाले समय में आप सुप्रीम कोर्ट को बिल्कुल एक नए रूप में देखने वाले हैं. जिसमें आप कुछ सालों में सुप्रीम कोर्ट में होने वाले बदलाव देखेंगे. वहीं, इसे लेकर चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान को लेकर जानकारी दी है. चीफ जस्टिस ने वकीलों की सुविधा को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के लिए एक मेट्रों लाइन का विचार पेश किया है. यह मेट्रो सीधे कोर्ट परिसर तक शानदार कनेक्टिविटी देगी. इस मेट्रो के शुरू होने के बाद कोर्ट आने वाले हजारों लोगों को राहत मिलेगी. बार एंड बेंच के मुताबिक, सीजेआई ने बताया कि प्रोजेक्ट की निगरानी खुद लॉ सेक्रेटरी कर रहे हैं. इसके लिए सरकार के पास बजट की कोई कमी नहीं है. काम बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है. वहीं, नई मेट्रो की कुछ तस्वीरें जो हमने AI के माध्यम से बनाई है जो आपको भी देखने में बेहद खूबसूरत लेगेंगी.

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वहीं, चीफ जस्टिस सूर्यकांच ने बताया कि देश में मौसम की स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण रहती है. तेज गर्मी और बारिश के समय वकीलों को कोर्ट पहुंचे में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. इसी समस्या को देखते हुए मेट्रो कनेक्टिविटी का प्रस्ताव रखा गया है.

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वहीं, मिली जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट मेट्रो प्रशासन को इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में अपना पूरा सहयोग देगा. वहीं, इस मेट्रो के बनने के बाद कोर्ट आने वाले लोगों की समस्याओं को कम किया जा सकेगा और वह आसानी से कोर्ट पहुंच सकेंगे.

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इस मेट्रो प्रोजेक्ट के दौरान सुप्रीम कोर्ट का मुख्य विरासत भवन बिल्कुल सुरक्षित रहेगा. इसके अलावा परिसर में तीन नए भव्य संवैधानिक अदालतों का भी निर्माण किया जा रहा है. इन नई अदालतों में जजों के बैठने की क्षमता पहले से और ज्यादा होगी.

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मिली जानकारी के अनुसार, एक बेंच में करीब 17 जजों के बैठने की आधुनिक व्यवस्था की जाएगी. अन्य बेंचों में 15 और 13 जज बैठ सकेंगे. इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए फंड की कोई कमी भी नहीं होगी. वहीं, कोर्ट परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों की जानकारी खुद कानून सचिव ले रहे हैं.

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नई योजना में महिला वकीलों और उनकी सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा गया है. महिलाओं के लिए अलग से आधुनिक बार रूम और अन्य जरूरी सुविधाएं भी शामिल होंगी. वहीं, पहले के मुकाबले अब कोर्ट और ज्यादा सुरक्षित और सेंट्रल एयर कंडीशनिंग सिस्टम से लैस होगा. इसके अलावा यहां पर एससीबीए अध्यक्ष का भी ऑफिस होगा जिसे शानदार तरीके से बनाया जाएगा.