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Census Process: देश की पहली डिजिटल जनगणना प्रक्रिया के तहत दिल्ली के कई इलाकों में आज से घर-घर सर्वे शुरू हो गया है. इस बार जनगणना पूरी तरह मोबाइल ऐप और डिजिटल सिस्टम के जरिए की जा रही है. अधिकारियों की टीम घरों में जाकर लोगों से कुल 33 सवाल पूछेगी, जिनमें मकान, परिवार, सुविधाएं और सामाजिक जानकारी से जुड़े प्रश्न शामिल होंगे. सरकार के मुताबिक, यह जनगणना दो चरणों में होगी. पहले चरण में हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सर्वे किया जा रहा है, जबकि दूसरे चरण में आबादी से जुड़ी जानकारी ली जाएगी.
33 सवालों वाली नई प्रश्नावली की है जारी

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इस जनगणना में केंद्र सरकार द्वारा तय किए गए सवाल पूछे जाएंगे, जिसका जवाब देना जरूरी होगा. हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन के लिए 33 सवालों वाली नई प्रश्नावली में इंटरनेट, LPG, पानी और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाओं के बारे में होगा.
2011 की जनगणना है आधार

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इस प्रश्नावली को 2011 की पिछली जनगणना के बाद भारतीय समाज में आए बदलावों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है. इसमें घर के प्रकार, स्थान और संरचना से जुड़े सवालों को ध्यान में रखा गया है.
सिर्फ 20 मिनट में हो जाएगा काम

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इस पूरे प्रोसेस में 20 मिनट का समय लगेगा. सबसे पहले आपसे पूछा जाएगा कि आप ने सेल्फ एन्यूमरेशन कराया है या नहीं. अगर कराया है तो आपको सेल्फ एन्यूमरेशन के दौरान मिला आईडी नंबर देगी होगी, वरना 33 सवालों के जवाब देने होंगे.
अगर जनगणना में शामिल नहीं हुए तो क्या होगा?

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जनगणना में शामिल होना कानूनी रूप से जरूरी माना गया है. बार-बार समझाने के बाद भी अगर आप जनगणना में शामिल नहीं होते हैं तो सेंसस एक्ट-1948 के सेक्शन-11 के तहत 1000 रुपये का जुर्माने और तीन साल प्रावधान है.