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12756 फीट की ऊंचाई पर जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में बनी अमरनाथ गुफा में लोग बाबा बर्फानी के दर्शन करने जाते हैं। इस गुफा में प्राकृतिक रूप से बर्फ का शिवलिंग बनता है, जिसे भगवान शिव का स्वरूप मानकर लोग दर्शन और पूजा करने जाते हैं। हर साल की तरह इस बार भी अमरनाथ यात्री तय तारीखों पर नियमों के अनुसार होगी।
अमरनाथ यात्रा इस साल 57 दिन चलेगी

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श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड ने बताया कि इस साल अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई को शुरू होगी और 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन खत्म होगी। इस बार यात्रा 57 दिन चलेगी। यात्रा शुरू होने से पहले 29 जून को विशेष पूजा ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन बाबा बर्फानी की प्रथम पूजा होगी। इस पूजा के बाद ही यात्रा शुरू करने की घोषणा की जाती है।
अमरनाथ यात्रा के रजिस्ट्रेशन कब कराएं?

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बता दें कि यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन 15 अप्रैल 2026 से ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से शुरू होंगे। देशभर में खुले जम्मू-कश्मीर बैंक, पीएनबी (PNB), एसबीआई (SBI) और यस बैंक (Yes Bank) की 554 शाखाओं पर यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है। पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर ऑनलाइन परमिट मिलेंगे। श्राइन बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट और मोबाइल ऐप से भी रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे।
जम्मू-कश्मीर उपराज्यपाल सिन्हा के निर्देश

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जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने देशभर के श्रद्धालुओं से श्री अमरनाथ जी की यात्रा में बड़ी संख्या में भाग लेने की अपील की है। उन्होंने बताया कि तीर्थयात्रियों के सुगम यात्रा अनुभव और पवित्र गुफा में निर्बाध दर्शन सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड ने तीर्थयात्रियों के आवागमन, आवास, बिजली, पानी, स्वच्छता, संचार और स्वास्थ्य सहित सभी आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था कर ली है।
अमरनाथ यात्रियों को स्पेशल डिवाइस मिलेंगे

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बता दें कि अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्टर्ड तीर्थयात्रियों और सेवा करने वालों को रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन डिवाइस (RFID) जारी किया जाएगा। पंजीकृत तीर्थयात्रियों को एक्सीडेंट क्लेम मिलेगा, जिसमें प्रति व्यक्ति बीमा राशि बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है। राष्ट्रीय पशुधन मिशन के माध्यम से टट्टुओं की आकस्मिक और प्राकृतिक मृत्यु होने पर दोनों स्थितियों में 50000 रुपये प्रति पशु का मुआवजा प्रदान किया जाएगा।
अमरनाथ यात्रा मार्ग पर ये सुविधाएं मिलेंगी

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बता दें कि अमरनाथ यात्रा के लिए बालटाल मार्ग पर पवित्र गुफा तक और पवित्र गुफा से पंजतरणी तक ग्रिड बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। यात्रा मार्गों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था होगी। तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए विभिन्न ई-सेवाएं और टट्टू, पिठू, पालकी आदि किराए पर लेने के लिए प्रीपेड सिस्टम होगा। बालटाल, पंथा चौक (श्रीनगर), नुनवान और चंदरकोट में यात्री निवास की सुविधा भी तीर्थयात्रियों को मिलेगी।
अमरनाथ यात्रा रजिस्ट्रेशन के लिए अनिवार्य डॉक्यूमेंट

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बता दें कि अमरनाथ गुफा बहुत ज्यादा ऊंचाई और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले एरिया में है। इसलिए रजिस्ट्रेशन के लिए ऑथराइज्ड डॉक्टरों के द्वारा जारी किया गया स्वास्थ्य प्रमाणपत्र (CHB) देना अनिवार्य है। बिना स्वास्थ्य जांच और वैध परमिट के यात्रा पर जाने नहीं दिया जाएगा। श्राइन बोर्ड और जिला प्रशासनों ने भक्तों के लिए सुरक्षा, चिकित्सा शिविर (लंगर), और ठहरने की व्यवस्था को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।